आधा बीघा जमीन को लेकर खूनी संघर्ष में किसान की हत्या के मामले में नामजद हत्यारोपियों में से पुलिस ने पांच को गिरफ्तार कर लिया है।
उनके कब्जे से पुलिस ने तीन अवैध तमंचे और छह कारतूस भी बरामद किए हैं। इन पांचों आरोपियों को सोमवार को खटीमा कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं पुलिस ने मृतक के परिजनों की सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस तैनात कर दी है।
शुक्रवार की सुबह ग्रामसभा गोरीखेड़ा के जनताफार्म निवासी जयमल सिंह और उसका परिवार अपने खेत में खाद डालने गया था।
इसी बीच, दूसरे पक्ष के दड़हा गांव निवासी सरजीत सिंह और रंजीत सिंह अपने साथियों के साथ वहां खेत जोतने पहुंच गए।
जयमल और उसके परिवार ने जब खेत जोतने का विरोध किया तो सरजीत सिंह पक्ष के लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
गोली लगने से जयमल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई सुरजीत सिंह और सुबेग सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पुलिस ने मृतक के छोटे बेटे अंग्रेज सिंह की तहरीर पर 17 लोगों को नामजद करते हुए 15-20 अन्य के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था जिसके बाद पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में जुट गई है।
शनिवार को मुकदमे के विवेचक प्रभारी निरीक्षक डीआर आर्य ने मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम के साथ सिडकुल के एमबीआर गेट पर घेराबंदी कर हत्यारोपी दड़हा गांव निवासी हरजीत सिंह पुत्र मनवीर सिंह, हरपाल सिंह पुत्र सकत्तर सिंह, दलवीर सिंह उर्फ वीरा पुत्र दरबारा सिंह, मलपुरी गांव निवासी गुरदेव सिंह पुत्र गुरदीप सिंह व ग्राम मजराफार्म थाना न्यूरिया जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश निवासी बिट्टू उर्फ तेजेंद्र पुत्र जीत सिंह को पकड़ लिया।
पुलिस ने बिट्टू, हरजीत और हरपाल के पास से एक-एक तमंचा व दो-दो कारतूस भी बरामद किए। प्रभारी निरीक्षक आर्य ने बताया कि धरे गए हत्यारोपी जंगल के रास्ते उकरौली पहुंचे और फिर एमबीआर गेट से हल्द्वानी घायलों को देखने जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे थे।
बताया कि पांचों हत्यारोपियों को सोमवार को खटीमा न्यायालय में पेश किया जाएगा। टीम में एसएसआई केपी टम्टा, सिडकुल चौकी इंचार्ज योगेश नाथ, कस्बा इंचार्ज दिनेश नाथ, शक्तिफार्म चौकी इंचार्ज केजी मठपाल आदि थे।