गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के पूर्व रिसीवर पर लगे गुरुद्वारा साहिब में चढ़ाए गए सोना चांदी के गबन के आरोपों की सीबीसीआईडी जांच शुरू हो गई है। सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर विनोद कुमार शर्मा ने गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर मामले की जानकारी ली और फोटोग्राफी की।
शनिवार को सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर विनोद कुमार शर्मा सहकर्मियों के साथ नानकमत्ता साहिब पहुंचे। थाने में अपनी आमद दर्ज कराकर इंस्पेक्टर शर्मा ने गुरुद्वारा साहिब पहुंच जांच की। शर्मा ने दरबार साहिब में लगी स्वर्ण पालकी सहित छेंवी पातशाही, पंजा साहिब पर हुए स्वर्ण कार्यों की फोटोग्राफी की।
किच्छा निवासी महेंद्र सिंह ने गुरुद्वारे के पूर्व रिसीवर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ज्ञानी स्वर्ण सिंह पर 1998 से लेकर 17 अप्रैल 2006 के बीच गुरुद्वारा साहिब में संगत द्वारा चढ़ाए गए सोना एवं चांदी गबन करने का आरोप लगाया था और 16 नवंबर 2011 को थाना नानकमत्ता मुकदमा में दर्ज कराया था।
पुलिस ने जांच में अन्य 15 लोगों को भी मामले में जोड़ते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। ज्ञानी स्वर्ण सिंह की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे के बावजूद मामले की विवेचना कर रहे दिनेशपुर थाना इंचार्ज रजत कसाना ने उन्हें 20 जून को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
24 दिन जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्हें छोड़ा गया। क्षेत्र में विरोध के कारण प्रदेश सरकार द्वारा मामले की विवेचना पुलिस से लेकर सीबीसीआईडी को सौंप दी। जिस पर आज से सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर शर्मा ने यहां पहुंच जांच आरंभ कर दी।