ग्राम ध्याननगर निवासी महिला को दो फरवरी को लूटने के बाद शुक्रवार को फिर फर्जी डाक्टर बनकर लुटेरों ने सरकारी अस्पताल में दो वृद्ध महिलाओं को निशाना बनाया है। वे दोनों महिलाओं से कानों के कुंडल और नगदी लूटकर रफूचक्कर हो गए। उधर, एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। जिसे डाक्टरों ने रेफर कर दिया। लगातार सरकारी अस्पताल में घट रही घटनाओं से शहरवासी सकते में हैं।
शुक्रवार की सुबह मोहल्ला दिल्ला सिंह निवासी सरमा देवी (55) पत्नी रामकिशोर अपने पति को सरकारी अस्पताल में दवा दिलाने आई थी। उसका पति पर्ची बनवाने के लिए मरीजों की लाइन में लग गया तो वह फर्श पर बैठ गई तभी उसके पास एक फर्जी डाक्टर आया। उससे उसकी बीमारी के बारे में मालूम किया। उसने उसे बताया कि उसके पति को निमोनिया है। जबकि उसे गठिया की बीमारी है। फर्जी डाक्टर ने वृद्ध महिला को अभी आराम आने की बात कहकर नशे की दवाई खिला दी। कुछ समय बाद वह बेहोश हो गई। तब उक्त डाक्टर ने भीड़ से अलग उठाकर उसे फर्श पर लिटा दिया और उसके कानों के कुंडल, दो हजार रुपए लूट लिए।
वहीं ग्राम हजीरो निवासी रोहिताश (50) का सरकारी अस्पताल में आयोजित निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर में बुधवार को आंखों का आपरेशन हुआ था। शुक्रवार को वह अपनी पत्नी नन्हीं देवी के साथ आंखों के टांके कटवाने आए थे। वह अंदर कक्ष में आंखों के टांके कटवा रहा थे। जबकि पत्नी बाहर बैठी थी। तभी उसके पास एक फर्जी डाक्टर आया। उससे उसकी बीमारी के बारे में मालूम किया। वृद्धा ने कहा कि उसे गैस बहुत बनती है। अम्मा जी कहकर अभी आराम हो जाएगा और दवाई खिला दी। कुछ समय बाद वह भी बेहोश हो गई। उसके पास से भी नगद रुपए और कुंडल लूट लिए।