जंगल में अवैध असलहा बनाने के दो अड्डों का पता लगाकर पुलिस ने एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग भी की। पुलिस ने भी पांच राउंड फायर किए। बदमाशों के कब्जे से दो तमंचे, बंदूक, असलहा बनाने के उपकरण बरामद हुए। चार बदमाश अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सोमवार को गदरपुर थाने में एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने पत्रकारों को बताया कि रविवार को सीओ बाजपुर बहादुर सिंह चौहान की अगुवाई में टीम ने आजाद अली पुत्र अख्तर अली निवासी ग्राम कनकटा को दबोचा था। उसके कब्जे से 12 बोर का तमंचा और कारतूस बरामद हुआ था। पूछताछ में आजाद ने बताया कि ग्राम कलकत्ती से सटे जंगल में दो जगह असलहे बनाए जा रहे हैं। उसने वहीं से तमंचा खरीदा था। इसके बाद रविवार रात ढाई बजे पुलिस टीम ने जंगल को घेर लिया। पुलिस को देखते ही तमंचे बनाने में लगे तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी, जवाब में पुलिस टीम ने भी पांच राउंड फायर किए।
पुलिस ने मौके से रणजीत सिंह पुत्र भजन सिंह निवासी ग्राम कलकत्ती को दबोच लिया, अंधेरे का फायदा उठाकर चार लोग फरार हो गए। मौके से 315 और 12 बोर के दो तमंचे, पोनिया बंदूक, असलहा बनाने के उपकरण, हथौड़ा, भट्ठी, हेक्सा ब्लेड, कुल्हाड़ी सहित अन्य उपकरण बरामद किए। पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जंगल में कांबिंग भी की, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा।
रणजीत ने पूछताछ में फरार आरोपियों के नाम गुरनाम सिंह, भोला सिंह पुत्र चानन सिंह, हरबंस उर्फ बम पुत्र फुम्मन सिंह, किशन सिंह पुत्र मलूक सिंह निवासी ग्राम कलकत्ती बताया। पुलिस ने चारों फरार आरोपियों के साथ ही रणजीत और असलहा खरीदने वाले आजाद के खिलाफ 147, 148, 307, 332, 353 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
खैर की 50 क्विंटल लकड़ी बरामद, दो गिरफ्तार
जंगल में अवैध असलहा बनाते पकड़े गए रणजीत को लेकर पुलिस ने गांव कलकत्ती में छापा मारा। इस बीच रणजीत के भाई कुलदीप और ग्रामीण सुखवंत सिंह पुत्र भजन सिंह के घर से 50 क्विंटल खैर की लकड़ी और ट्रैक्टर बरामद हुआ। बरामद लकड़ी की कीमत करीब तीन लाख रुपये आंकी गई है। दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वन अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने अवैध असलहा बनाने के धंधेबाजों को पकड़ने वाली टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। टीम में गदरपुर एसओ ललित मोहन जोशी, दिनेशपुर एसओ डीआर वर्मा, एसओ केलाखेड़ा राजेश यादव, कोतवाल बाजपुर बीड़ी उनियाल, एसआई योगेश कुमार, ललित बिष्ट, प्रदीप शर्मा, हेम तिवारी, कांस्टेबल रविंद्र बिष्ट, भूपेंद्र सिंह, सुरेश चंद, विपिन चंद्र शामिल थे।