रुद्रपुर। छह दिन पहले सिडकुल की शिरडी इंडस्ट्री लिमिटेड से बरामद यूरिया के नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है। बरामद खाद व्यवसायिक नहीं बल्कि फसलों में इस्तेमाल होने वाली यूरिया पाई गई है और इसका फैक्ट्रियों में इस्तेमाल गैरकानूनी है। रिपोर्ट के आधार पर मुख्य कृषि अधिकारी ने चार कंपनियों के खिलाफ सिडकुल चौकी में मुकदमा दर्ज कराया है।
सिडकुल सेक्टर नौ स्थित शिरडी इंडस्ट्री लिमिटेड फैक्ट्री में बीती 14 मार्च को गुजरात से एक ट्रक यूरिया लेकर पहुंचा था। ट्रक आने की सूचना पर पहुंचे कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि ट्रक में मौजूद यूरिया सब्सिडी वाला है, जिसका इस्तेमाल फसलों के लिए ही किया जा सकता है।
हंगामे की सूचना पर पहुंची सिडकुल चौकी पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना को खाद निरीक्षण के लिए बुलाया था। डॉ. अभय सक्सेना ने खाद के नमूने भरकर उन्हें जांच के लिए लैब भेजा था। बुुधवार को आई जांच रिपोर्ट में खाद के व्यवसायिक नहीं बल्कि फसलों के लिए ही इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि हुई।
इसके आधार पर मुख्य कृषि अधिकारी ने यूरिया के गैरकानूनी ढंग से सप्लाई में लिप्त जिला भरुच नर्मदा नगर (गुजरात) स्थित मैसर्स गुजरात नर्मदा वैली एमके केमिकल लिमिटेड, मैसर्स न्यू इंडिया एसेट बड़ौदा प्राइवेट लिमिटेड पावतीनगर तोशापुरी पार्ट 3 सुभानपुरा बड़ौदा (गुजरात), मैसर्स कृष्णा एमके केमिकल मेन रोड बाजपुर के साथ ही फर्म मालिक तरमेश कुमार और मैसर्स शिरडी इंडस्ट्रीज लिमिटेड प्लाट नंबर एक से नौ पंतनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। सिडकुल चौकी प्रभारी केजी मठपाल ने बताया कि चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद आगे की जांच पड़ताल की जा रही है।