फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी सीआईडी अफसर बनकर हनी ट्रैप से लोगों को ठगने वाले तीन गिरफ्तार

Wed, 31 Oct 2018 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊधमसिंह नगर
विज्ञापन
रुद्रपुर पुलिस की गिरफ्त में फर्जी सीआईडी अफसर बनकर लोगों को ठगने वाली महिला और युवक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

फर्जी सीआईडी अफसर बनकर हनी ट्रैप के जरिये लाखों की ठगी करनी वाली महिला समेत तीन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो लैपटॉप, प्रिंटर, लैंडलाइन फोन, सीआईडी के आईकार्ड और दर्जनों आधार कार्ड सहित फर्जी मुहरें बरामद हुई हैं। पुलिस के अनुसार तीनों छह माह से रुद्रपुर के होटलों में रुककर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।

विज्ञापन


मंगलवार को पुलिस ऑफिस में फर्जी सीआईडी अफसरों के रैकेट का खुुलासा करते हुए एसपी सिटी देवेंद्र पींचा ने बताया कि 29 अक्तूबर को खटीमा निवासी युवक ने पुलिस को बताया था कि कुछ लोगों ने 26 अक्तूबर को उसे मेट्रोपॉलिस सिटी में बंधक बना लिया था। उसे छोड़ने की एवज में दो लाख की रंगदारी मांगी। रुपये देने के बाद उसे सुनसान स्थान पर छोड़कर भाग गए। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके के निर्देश पर एसओ पंतनगर संजय पाठक के नेतृत्व में टीम गठित की गई। 

30 अक्तूबर को मुखबिर से सूचना मिली कि खटीमा निवासी युवक से रंगदारी मांगने वालों को सिडकुल क्षेत्र में देखा गया है। इस पर टीम ने सिडकुल क्षेत्र से विश्नोई सराय थाना नगीना जिला बिजनौर (यूपी) निवासी प्रणव विश्नोई, पूनम शर्मा और ग्राम जवाहरपुर थाना बहेड़ी (यूपी) और हाल निवासी तराई विहार कॉलोनी फाजलपुर महरौला के विकास गंगवार को गिरफ्तार किया। उनके पास से कार, दो लैपटॉप, प्रिंटर, ब्राडबैंड, लैंडलाइन फोन, दर्जनों मेडल, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, यूपी पुलिस का मोनोग्राम, मुहरें, चेक बुक, हार्ड डिस्क, सीआईडी के आई कार्ड, शपथ पत्र, कानून की किताबें आदि बरामद हुईं। पूछताछ में तीनों ने फर्जी सीआईडी अफसर बनकर लोगों को हनी ट्रैप के जरिये ठगने की बात कबूली। 

एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के तीन अन्य साथी अभिषेक गुप्ता निवासी नगीना, फैजान पाशा निवासी रामपुर और सिमरन निवासी सामिया लेक सिटी रुद्रपुर फरार हो गए। तीनों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। 

विज्ञापन

टीम में शामिल पुलिसकर्मी 
टीम में सिडकुल चौकी प्रभारी केजी मठपाल, एसआई रोशनी रावत, कांस्टेबल महेंद्र डंगवाल, किशोर फर्त्याल, दिलीप सिंह फर्त्याल, ललिता प्रसाद, हरि सिंह, चंद्रशेखर जोशी, अनीशा आर्या आदि शामिल रहे। 
 
होटलों में हनी ट्रैप से करते थे शिकार 
फर्जी सेीआईडी अफसर बनकर लोगों से ठगी करने वाले प्रणव, विकास और पूनम चार माह होटल सोबती कांटीनेंटल और दो-दो माह होटल ली क्रिस्टल और उदय रेजिडेंसी में रुके। यहां पूनम पूंजीपति लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर लाती थी और पीछे से प्रणव और विकास सीआईडी अफसर बनकर ग्राहक को अपना शिकार बनाते थे। पुलिस के अनुसार छह माह में तीनों ने करीब सात लोगों को अपना शिकार बनाकर उनसे 10 लाख रुपये की ठगी की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें