स्कूल का निरीक्षण करती शिक्षा विभाग की टीम
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एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशन की पुस्तकें लगाने पर शिक्षा विभाग ने शिव नगर स्थित आस्था जूनियर हाईस्कूल पर 25 हजार का जुर्माना लगाया। साथ ही दो दिन के भीतर अभिभावकों को किताबों के पैसे नहीं लौटाने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी। टीम ने ट्रांजिट कैंप स्थित इंडियन पब्लिक जूनियर हाईस्कूल में भी छापा मारा, लेकिन वहां निजी प्रकाशन की पुस्तकें नहीं मिलीं।
शिव नगर स्थित आस्था जूनियर हाईस्कूल में विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में निजी प्रकाशन की महंगी किताबें लगाए जाने की शिकायत एक महिला अभिभावक ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय से की थी। महिला का आरोप था कि स्कूल प्रबंधन उनके बच्चों पर एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशन की आठ गुना महंगी किताबें खरीदवाने का दबाव बना रहा था।
शिकायत पर बृहस्पतिवार को सीईओ डॉ. पीएन सिंह और डीईओ बेसिक रवि मेहता ने विद्यालय में छापा मारा। टीम को सभी कक्षाओं में बच्चों के पास निजी प्रकाशन की पुस्तकें मिलीं। सीईओ डॉ. सिंह ने विद्यालय के प्रबंधक पंकज दासगुप्ता को फटकार लगाते हुए एनसीईआरटी की पुस्तकें ही लागू करने को कहा। सीईओ ने विद्यालय पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
साथ ही चेतावनी दी गई कि दो दिन के भीतर अभिभावकों को किताबों के रुपये नहीं लौटाने पर विद्यालय की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। इसके बाद टीम ने ट्रांजिट कैंप स्थित इंडियन पब्लिक जूनियर हाईस्कूल का भी निरीक्षण किया। वहां निजी प्रकाशन की किताबें नहीं मिलीं। उन्होंने विद्यालय के प्रबंधक देवाशीष मंडल को आवश्यक निर्देश दिए।