रुद्रपुर। रंपुरा में रहने वाले एक परिवार नाबालिग लड़की का रिश्ता तय कर शादी की तैयारियों की जुटा था। जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रजनीश बत्रा की सजगता ने किशोरी की शादी रुकवा दी। रजनीश के साढ़े तीन घंटे तक समझाने के बाद परिजन शादी नहीं करने के लिए राजी हुए।
रंपुरा क्षेत्र में ठेली लगाकर परिवार का भरण पोषण करने वाले व्यक्ति ने अपनी 15 साल बेटी की शादी बरेली निवासी युवक से तय कर दी थी। शनिवार को बरेली में शादी होनी थी। शुक्रवार शाम पौने चार बजे जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. रजनीश बत्रा को किशोरी की शादी की सूचना मिली। इस पर उन्होंने किशोरी के घर पहुंची, लेकिन परिजन शादी की खरीदारी करने गए थे। किशोरी के पिता ने गरीबी और बीमारी का हवाला देते हुए शादी की बात कही। पहले तो उसने बेटी को बालिग बताया लेकिन स्कूली सर्टिफिकेट मांगने पर वह आनाकानी करने लगा। घर पर भीड़ जुटी तो रजनीश ने रंपुरा चौकी पुलिस को भी मौके पर बुला लिया।
डॉ. रजनीश ने बताया कि लड़की नवीं कक्षा में पढ़ती थी और दो महीने पहले ही उसने अचानक पढ़ाई छोड़ दी थी। काफी समझाने के बाद भी जब परिजन नहीं माने तो उन्हें कानून का डर दिखाया गया। रिश्तेदारों के समझाने के बाद पिता ने बालिग होने पर ही लड़की की शादी करने की बात लिखित में दी।