रुद्रपुर/पंतनगर। जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी को जारी किए गए चेक में गड़बड़ी कर एक हजार रुपये के बजाए एक लाख रुपये निकाल लिए गए। शातिर लोगों ने चेक में दर्ज महिला के नाम के बदले पुरुष का नाम लिख डाला। बैंककर्मियों ने भी चेक की ओवर राइटिंग को अनदेखा कर भुगतान दे दिया।
मामला संज्ञान में आने पर जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक ने पंतनगर थाने में तहरीर दी थी, लेकिन उसे जांच तलब कर दिया गया। अब एसएसपी के आदेश पर पंतनगर थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
अप्रैल 2017 में मूल रूप से महाई बलिया चिटबरागांव यूपी और हाल में कृष्णा कॉलोनी ट्रांजिट कैंप निवासी सीता देवी का जिला अस्पताल में प्रसव हुआ था। 29 अप्रैल को जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी सीता देवी पत्नी दिनेश के नाम से एक हजार रुपये का चेक जारी किया गया था। सीता के पति दिनेश ने खुद अस्पताल पहुंचकर चेक प्राप्त किया था।
लेकिन चेक हासिल करने के बाद सीता और दिनेश ने मोनू सैनी निवासी क्यू 37 रेलवे कालोनी जालंधर के साथ मिलकर धोखाधड़ी की। चेक में दर्ज एक हजार की धनराशि को दो जीरो बढ़ाकर एक लाख कर दिया। इसके बाद मोनू सैनी ने भुगतान भी प्राप्त कर लिया। आरोपियों ने सीता देवी के स्थान पर चेक में मोनू सैनी लिख दिया।
कुछ दिन पूर्व जब जवाहर लाल नेहरु जिला अस्पताल के प्रबंधन को जानकारी हुई तो खलबली मच गई। प्रमुख अधीक्षक की ओर से तीन नवंबर को पंतनगर थाने में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तहरीर दी गई थी। इसमें संबंधित आंध्र बैंक मुरादाबाद और पंजाब नेशनल बैंक मुरादाबाद में कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका को भी संदिग्ध बताया गया है।
एसओ संजय पाठक ने बताया कि मामले की जांच हो रही है। उधर, एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि सरकारी चेक में छेड़छाड़ कर रुपये निकालना गंभीर मामला है। पंतनगर थाने के एसओ को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।