लामाखेड़ा गांव के सीड्स प्लांट में रात को सरकारी बारदाने में धान तौलने के मामले में एसएमआई ने क्रय केंद्र प्रभारी और सीड्स प्लांट के स्वामी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाल ने बताया कि मामले में जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीते 24 अक्तूबर की रात लामाखेड़ा गांव में सीड्स प्लांट पर नेफेड क्रय केंद्र के प्रभारी की ओर से फर्जी तरीके से सरकारी बारदाने में धान खरीदने का मामला सामने आया था। किच्छा एसडीएम विवेक प्रकाश, तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी और एसएमआई ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की तो वहां ट्रैक्टर ट्रॉली (यूके 06 एबी 4642) और (यूके 06 एआर 6254) में 336-336 बोरे भरे मिले थे। किसानों ने उनका धान तौलने के बजाय केंद्र पर सीड्स प्लांट का धान खरीदने का आरोप लगाया था।
सोमवार को नानकमत्ता मंडी समिति के वरिष्ठ विपणन अधिकारी (एसएमआई) धनवीर गुंसाई ने पुलिस को क्रय केंद्र प्रभारी और सीड्स प्लांट के स्वामी के खिलाफ तहरीर दी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी ने बिना उच्चाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराए केंद्र को अन्यत्र स्थापित कर काश्तकारों और विभाग को गुमराह करने का प्रयास किया।
इसके अलावा अभिलेख में प्रतिदिन की खरीद को भी प्रदर्शित नहीं किया और खाद्य विभाग की ओर से उपलब्ध बोरों के सापेक्ष अधिक बोरों में धान की तौल करना भी संदेहास्पद है। यह धोखाधड़ी के अंतर्गत आता है। उन्होंने पुलिस ने आरोपी केंद्र प्रभारी और सीड्स प्लांट स्वामी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। कोतवाल सलाहउद्दीन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दलाल के जरिये मिल में भेजा जा रहा धान, भड़के किसान
किच्छा। किसानों ने सोमवार को मंडी गेट पर धर्मकांटे के पास धरना देकर धान की तुलाई नहीं होने दी। किसानों का आरोप है कि राइस मिल मालिकों की धांधली से किसान की फसल की खरीद नहीं हो रही है जबकि मिल मालिक मंडी के बाहर औने-पौने दाम पर किसानों की उपज खरीद कर किसानों का शोषण कर रहे हैं।
मंडी में रविवार से राइस मिल मालिकों ने किसानों के धान की खरीद बंद कर रखी है। मिल मालिकों का कहना है कि प्रत्येक मिल मालिक ने 10 हजार क्विंटल धान खरीद करनी थी, जो पूरी हो चुकी है। खरीद पूरी होने के कारण सरकारी पोर्टल भी बंद हो चुका है। इधर, सोमवार सुबह किसानों के हाथ एक प्रवेश पर्ची ऐसी हत्थे लगी, जिससे साफ हो रहा था कि दलाल की मार्फत एक मिल मालिक ने एक ट्रॉली धान की खरीद की है।
इस पर्ची पर ना सिर्फ राइस मिल की फर्म का नाम अंकित है बल्कि दलाल का नाम भी अंकित है। पर्ची का पता लगते ही बड़ी संख्या में गुस्साए किसान मंडी गेट पर बने धर्मकांटे के पास पर धरने पर बैठ गए। किसान संतोख सिंह निवासी पनचक्की फार्म ने बताया कि राइस मिल मालिक किसानों को पोर्टल बंद हो जाने की बात कहकर मजबूरी में धान बेचने आए किसान का धान औने-पौने दाम पर खरीदकर किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं।
किसानों ने प्रदेश सरकार पर धान खरीद में पूरी तरह असफल हो जाने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर एसडीएम विवेक प्रकाश, मंडी चेयरमैन कमलेंद्र और सचिव विनोद लोहुमी मौके पर पहुंचे, जिन्हें किसानों ने उक्त पर्ची सौंपी। एसडीएम विवेक प्रकाश ने बताया कि किसानों की ओर से दी गई पर्ची की जांच कराई जाएगी। राइस मिल मालिकों के कोटे की लिमिट बढ़वाने का प्रयास करेंगे। वहां जगरूप सिंह गिल, राजू प्रधान, मनी लूथरा, श्रवण सिंह, शरीफ अहमद, मेजर सिंह, रंजीत सिंह, जितेंद्र सिंह आदि थे। संवाद
मानक के अनुरूप धान न खरीदने पर किसानों में आक्रोश
नानकमत्ता। कृषि मंडी में कच्चे आढ़तियों की ओर से धान खरीद बंद करने से किसान भड़क गए। अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर सचिव और एसएमआई से वार्ता की और मंगलवार से धान खरीद सुचारु न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
सोमवार को नानकमत्ता कृषि मंडी में शनिवार से धान से लदी खड़ी 25 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में से सिर्फ 14 ट्रॉलियों की धान खरीद के बाद आढ़तियों ने खरीद बंद कर दी। वहीं, मंडी के बाहर धान बेचने पहुंचे किसानों की ट्रॉलियों की लाइन लगी हुई थी। खरीद बंद होने से परेशान किसान भड़क गए। सूचना पर अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह मंडी पहुंचे। उन्होंने कृषि मंडी के सचिव देवेंद्र सिंह बिष्ट और एसएमआई धनवीर सिंह गुंसाई से वार्ता कर मंगलवार से धान खरीद सुचारु कराने की मांग की। ऐसा न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
सचिव देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि मंडी में कुल 22 कच्चे आढ़ती पंजीकृत हैं। इनमें 15 आढ़तियों की खरीद का कोटा पूरा होने से उनका पोर्टल बंद हो गया है। सोमवार को भी 20 ट्रॉली से अधिक धान की तौल हुई है। कुछ किसानों का धान काला और धान में फफरा अधिक होने के कारण फेल हो गया है लेकिन किसान अपनी ट्रॉली वापस नहीं ले गए हैं। उन्होंने किसानों से अपना धान साफ करने के बाद ही मंडी में लाने को कहा। वहां देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष मलूक सिंह खिंडा, जगमीत सिंह, प्यारा सिंह, मनखुशी सिंह राणा, अमनदीप सिंह आदि थे।
मिल से दो हजार बोरे वापस लाकर भरा क्रय केंद्र का धान
रुद्रपुर। बिगवाड़ा मंडी समिति में खोले गए दो क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान को भरने के लिए सोमवार को धान मिल से दो हजार बोरे वापस मंगवाए गए। कच्चा आढ़तियों की धान की खरीद की सीमा न बढ़ाने के कारण रुद्रपुर गल्ला मंडी में खरीद भी कम हुई।
रुद्रपुर के कुछ क्रय केंद्रों पर सोमवार को पर्याप्त संख्या में बारदाना उपलब्ध नहीं हो सका। बिगवाड़ा मंडी समिति स्थित फुलसुंगा और बिगवाड़ा क्रय केंद्र पर सोमवार को क्रमश: 420 और 370 क्विंटल धान की खरीद हुई लेकिन पहले से खरीदे गए धान के लिए बारदाना उपलब्ध न होने के कारण धान की कुटाई के लिए भेजे गए दो हजार बोरे वापस मंगाए गए। इन बोरों में खरीदा गया धान भरा गया। तराई विकास सहकारी संघ के क्रय केंद्र पर करीब 500 क्विंटल धान की खरीद हुई।
इधर, कच्चा आढ़तियों की धान खरीद की सीमा न बढ़ने का रुद्रपुर गल्ला मंडी में असर देखा गया। गल्ला मंडी की आढ़तों पर अन्य दिनों की अपेक्षा धान की कम खरीद हुई। मंडी निरीक्षक योगेश तिवारी ने बताया कि आढ़तों पर दिनभर में करीब 10 हजार क्विंटल धान की खरीद हुई। आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने बताया कि जिले के लिए 15 लाख बोरे उपलब्ध हो गए हैं। अब सरकारी धान खरीद में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि कच्चा आढ़तियों की धान खरीद की सीमा भी शीघ्र बढ़ने की उम्मीद है।
ट्रॉली से धान लाने वाले किसानों को मिलेगी पर्ची
गदरपुर। कृषि उत्पादन मंडी समिति कार्यालय में धान खरीद को लेकर एसडीएम एबी बाजपेई की अध्यक्षता में राइस मिलर, व्यापारी, किसानों और मंडी समिति के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें सहमति बनी कि जो किसान अनाज मंडी में ट्रॉली से धान लाएगा तो उसे गेट पर पर्ची दी जाएगी। साथ ही धान क्रय किसानों की निगरानी में ही की जाएगी। वहां किसान नेता सलविंदर कलसी, राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अरोड़ा, सतीश घीक, दीदार सिंह, गौरव भड्ढी, हैप्पी विर्क, हर्ष पाल सिंह, सुदेश कुमार, हरलोक सिंह, मनजीत सिंह, राजेश अग्रवाल, रणवीर सिंह, सुरजीत डाबर आदि थे। संवाद