रुद्रपुर। खटीमा के एक डाक्टर से ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 81.45 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस नागपुर से एक अभियुक्त को हिरासत में लेकर रुद्रपुर पहुंची। पूछताछ के बाद बीएनएसएस की धारा 35 का नोटिस तामील कराया। टीम उसके साथियों की तलाश में जुटी है।
खटीमा के ऑफिसर्स कालोनी निवासी हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण मोहन गुप्ता ने साइबर क्राइम पुलिस थाना में 25 मार्च को केस दर्ज कराया था। एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद एएसपी स्वप्न किशोर, सीओ अंकुश मिश्रा एवं विवेचक अरूण कुमार( निरीक्षक, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन) को जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे। विवेचना में टीम ने केस में सामने आए आए बैंक खातों तथा मोबाइल नंबरों का सत्यापन किया था। इस दौरान घटना के आईसीआईसीआई बैक के लाभार्थी खाताधारक वैभव मनोज गाडगे निवासी हनुमान मन्दिर के पास शान्तिनगर विदर्भा हाउसिंग बोर्ड कालोनी क्वार्टर नम्बर I69 थाना शान्तिनगर जिला नागपुर महाराष्ट्र को चिन्ह्ति किया गया था। उसकी नागपुर में जाकर तलाश की गई थी। उसके पकड़कर साइबर थाना में लाया गया और नोटिस तामील कराया गया। इस गैंग के जुड़े अन्य लोगों को चिन्ह्ति करने की कार्रवाई की जा रही है।
81 लाख जमा करवाकर दिखाया दो करोड़ का मुनाफा
उनका कहना था कि चार जनवरी को उनके नंबर पर एक ट्रेडिंग कंपनी से जुड़ने का संदेश आया था। उन्होंने संदेश के साथ आए लिंक पर क्लिक किया और एक ग्रुप से जुड़ गए थे। उन्होंने एक एप डाउनलोड किया। इसमें आईडी बनाकर निवेश करना शुरू कर दिया था। निवेश पर भारी मुनाफा होने पर पत्नी तनु की आईडी भी बना दी थी। पांच फरवरी से 28 फरवरी तक 81,45,855 रुपये अपने और पत्नी के बैंक खाते से जमा किए थे। इस पर उन्हें दो करोड़ से अधिक का मुनाफा प्रदर्शित हुआ था लेकिन जब रुपये निकालने की प्रोसेस शुरू हुई तो उनसे और रुपये मांगे गए थे।
आईसक्रीम सप्लायर है वैभव मनोज
साइबर पुलिस ने बताया कि अभियुक्त थाना शांतिनगर में आईसक्रीम का सप्लायर है। डाक्टर से ठगी गई राशि में से 14 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर हुए थे। इसकी एवज में उसको कमीशन भी मिला था। उसके बैंक खाते में चार से पांच महीने में ही करोडों रुपयों का लेनदेन हुआ है। उसके खाते के खिलाफ देश के पांच राज्यों में आठ साइबर अपराध दर्ज हैं। इनमें केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्रप्रदेश शामिल हैं। इस संबंध में जानकारी के लिए अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है। ब्यूरो
ट्रेडिंग का मैसेज भेजकर फेंका जाता है जाल
एसटीएफ के एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि अभियुक्त व्हाट्सएप के माध्यम से पीड़ितों को ट्रेडिंग संबंधी मैसेज भेजते हैं। इसमें खुद को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कम्पनी का प्रतिनिधि बताकर ऑनलाईन ट्रेडिंग में निवेश कर लाभ दिलाये जाने का भरोसा दिलाया जाता है। इसके बाद पीड़ित को अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़ा जाता है। इसमें पूर्व से जुडे़ हुए लोगों की ओर से निवेशित धनराशि पर प्राप्त लाभ संबंधी स्क्रीनशॉट शेयर किये जाते हैं। इसमें ग्रुप में जुड़े अन्य पीड़ित इनके झांसे में आकर ऑनलाइन ट्रेडिंग में कम समय में कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लालच में अपनी धनराशि निवेश कर देते हैं। पीड़ितों की ओर से निवेश की गयी धनराशि में मुनाफा दिखाने के लिए एक फर्जी एप का प्रयोग किया जाता है। एप के डैशबोर्ड पर पीड़ितों की ओर से निवेश की गयी धनराशि को उच्चतम लाभ के साथ दिखाया जाता है। इससे पीड़ित को अधिक मुनाफा होने का भरोसा हो जाता है। इसके बाद अभियुक्त धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि को अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया जाता है।