काशीपुर। कुछ लोगों ने पिता-पुत्र को मोटे मुनाफे का लालच देकर जमीन की खरीद फरोख्त के नाम पर 1 करोड़ 65 लाख रुपये व पौने चार एकड़ जमीन हड़प ली। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्राम गढ़ीनेगी निवासी व कपड़ा व्यवसायी प्रमार्थ छाबड़ा ने कुंडा थाना पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनकी ग्राम बांसखेड़ा निवासी मोहित से जान-पहचान थी। मई 2024 को मोहित ने बताया कि एक जमीन का सौदा है, इसमें तीन-चार करोड़ का लाभ हो जाएगा। उसने 27 मई 2024 को कुंडा थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में छीना फार्म ढकिया गुलाबो निवासी अरपिंदर सिंह उर्फ हैप्पी व ग्राम बक्सौरा निवासी बलवंत सिंह मिलवाया।
तीनों ने बताया कि उनके पास सतनाम सिंह की सात एकड़ जमीन ग्राम बक्सौरा है और 10 लाख रुपये बयाना देते ही जमीन महंगे रेट पर बिक जाएगी। बरेली का व्यापारी अमरजीत सिंह खरीदार है उसको जमीन पसंद है। इसका सौदा 1.95 करोड़ रुपये प्रति एकड़ पर हुआ है। 10 लाख रुपये देकर जमीन रोकने और इसे दोगुने रेट पर आगे बेचने की बात हुई।
उनकी बातों में आकर उसने और उसके पिता राजेंद्र कुमार ने ढाई लाख रुपये दे दिए। मोहित ने अपने बैंक की कॉपी मेरे व्हाट्सअप पर भेजकर कहा कि एक लाख रुपये सतनाम सिंह को दे दिए हैं। बताया कि जमीन का सौदा पक्का हो गया है।
इसके बाद उन्होंने उसे चार जुलाई 2024 को रामनगर रोड स्थित एक होटल में बुलाया जहां सतनाम सिंह, अरपिंदर सिंह व मोहित ने बताया कि सतनाम सिंह सौदा कैंसिल कर रहे हैं और बयाना समाप्त हो रहा है। कहा कि सौदा बनाए रखना है तो इन्हें सौदे की रकम में से 25 प्रतिशत का भुगतान करना होगा।
दबाव बनाने पर उसने 25 प्रतिशत के हिसाब से 1.30 करोड़ रुपये दे दिए। इन लोगों ने जमीन का फर्जी एग्रीमेंट बनाकर दे दिया। इसके बाद बरेली निवासी अमरजीत सिंह उन्हें रुद्रपुर के एक होटल में मिला। उसने बताया कि उसे इस जमीन के अलावा आठ एकड़ जमीन और लेनी है जो सतनाम सिंह के गांव में बलवंत सिंह की है। जिसके बाद आठ एकड़ जमीन खरीदने का सौदा भी किया और 15 लाख रुपये एडवांस बलवंत सिंह को दे दिए। बलवंत ने अपने साले कुलदीप सिंह निवासी जसपुर से मिलवाया और उसने कहा कि मैं ब्याज पर रुपये दे दूंगा, बदले में अपनी भूमि गिरवी रखनी होगी। तब उसके पिता ने अपनी ग्राम किलावली व गढ़ीनेगी की भूमि कुलदीप को बंधक रख दी। जिसका गिरवीनामा तहसील काशीपुर में पंजीकृत कराया। बाद में उसे पता चला कि अधिवक्ता ने गिरवीनामा न बनाकर जमीन बैनामा अपने नाम करा ली है।
आरोप लगाया कि इन लोगों ने हमसाज होकर 1.63 करोड़ रुपये और पौने चार एकड़ जमीन हड़प ली। पुलिस ने तहरीर आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।