रुद्रपुर कोर्ट से लौट रही काशीपुर कोतवाली की महिला पैरोकार को एनएच पर अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मूल रूप से विवेकानंदपुरी अल्मोड़ा निवासी नीलम रत्नाकर (35) का विवाह दस साल पहले मानसरोवर कॉलोनी (मुरादाबाद) निवासी विश्वदीप के साथ हुआ था। विश्वदीप पेशे से अधिवक्ता हैं। 2006 बैच की कांस्टेबल नीलम मार्च से काशीपुर कोतवाली में कार्यरत थीं। वह रुद्रपुर कोर्ट में पैरोकार थीं। इससे पहले उनकी तैनाती जसपुर कोर्ट में थी। नीलम बृहस्पतिवार को काशीपुर कोतवाली से कोर्ट के काम से रुद्रपुर गई थीं।
वहां से वह निजी वाहन से काशीपुर लौट रही थीं। साथ में आईटीआई थाने के पैरोकार चंद्र किरण भी थे। बांसखेड़ी पुल के पास दोनों वाहन से उतरे। कांस्टेबल चंद्र किरण वही एक व्यक्ति के घर खड़ी बाइक लेने चले गए। इसी दौरान किसी वाहन ने कांस्टेबल नीलम को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। साथी कांस्टेबल ने राहगीरों की मदद से उन्हें निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सूचना पर एसपी प्रमोद कुमार, सीओ एपी कोंडे, कोतवाल मनोज रतूड़ी, आईटीआई थाना प्रभारी विद्या दत्त जोशी, कुंडा थानाध्यक्ष अरविंद चौधरी अस्पताल पहुंच गए। शव पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। नीलम अपने परिवार के साथ कोतवाली के क्वार्टर में रहती थीं। उनकी आठ साल की बेटी दिविशा है।