रुद्रपुर/गदरपुर/बाजपुर। ऊधमसिंह नगर जिले में रसोई गैस सिलिंडर नहीं मिलने पर रुद्रपुर, गदरपुर और बाजपुर में लोगों ने हंगामा किया। सिलिंडरों की आपूर्ति में कमी और तकनीकी खामियों के चलते उपभोक्ताओं ने बुधवार को कई स्थानों पर हंगामा और प्रदर्शन किया।
रुद्रपुर में सुबह चार बजे से लाइन, फिर भी खाली हाथ लौटे लोग
रुद्रपुर में इंडेन गैस एजेंसी पर बुधवार सुबह उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब सुबह चार बजे से लाइन में लगे सैकड़ों उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल सका। स्थानीय लोगों के अनुसार रुद्रपुर के लिए रोजाना तीन गाड़ी सिलिंडरों की जरूरत है जबकि केवल एक गाड़ी ही भेजी जा रही है।
उपभोक्ताओं ने बताया कि डायरेक्ट एक्सेस कोड (डीएसी) जनरेट नहीं होने के कारण बुकिंग होने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। मौके पर पहुंचे सुशील गाबा ने डीएसी प्रणाली को खत्म कर पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की। वहीं पार्षद सचिन मुंजाल और परवेज कुरैशी ने कहा कि गैस न मिलने से छोटे ढाबे और चाय की दुकानें बंद होने की कगार पर हैं।
गैस प्रबंधक प्रमोद पांडे ने बताया कि नियम के अनुसार सिलिंडरों की आपूर्ति हो रही है लेकिन कुछ लोग एजेंसी पर आकर दबाव बना रहे हैं।
गदरपुर में होम डिलीवरी में सुधार के लिए दिया धरना
गदरपुर में होम डिलीवरी व्यवस्था चरमराने पर पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश भुड्ढी अपने समर्थकों के साथ इंडेन गैस एजेंसी के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। भुड्ढी ने आरोप लगाया कि गैस वितरण में नियमों और रोस्टर का पालन नहीं किया जा रहा है। देर शाम एसडीएम ऋचा सिंह के हस्तक्षेप और रोस्टर के अनुसार पारदर्शी वितरण के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। इस मौके पर भाजपा मंडल महामंत्री अनिल जेटली, जिला उपाध्यक्ष चंकित हुड़िया, राजेश भुड्ढी, मुख्तियार अली, गुरवंत सिंह, भरत प्रजापति, सतनाम सिंह, रमेश कंबोज, रीना शर्मा, रेनू बिष्ट मौजूद रहे।
दूसरी ओर, नगर पालिका के सभासदों ने पूर्व पालिकाध्यक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि वे स्वयं वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाने में सहयोग कर रहे हैं। इस दौरान सभासद परमजीत सिंह पम्मा, सचिन गुप्ता, मुकेश चावला, रमन छाबड़ा, सलीम बाबा, मोबिन सिद्दीकी, चिंतन अरोरा, इदरीश पाशा आदि मौजूद थे। संवाद
बाजपुर : सड़क पर उतरे ग्रामीण
बाजपुर के बरहैनी गांव में पिछले तीन दिनों से सिलिंडर न मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस चौकी के पास सड़क पर सिलिंडर रखकर जाम लगाने की कोशिश की। ग्रामीण सुबह से कतार में खड़े थे। जब गैस की गाड़ी पहुंची, तो भारी भीड़ के कारण नाममात्र लोगों को ही सिलिंडर मिल पाया, जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।