शहर में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण को लेकर संशय दूर हो गया है। जिला प्रशासन ने इसके निर्माण का जिम्मा जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) को सौंपने पर मोहर लगा दी है। डीएम के निर्देश पर प्राधिकरण को जमीन हस्तांतरित करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्राधिकरण को जमीन की एवज में सर्किल रेट के अनुसार करीब 24 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा कराने होंगे।
औद्योगिक शहर में लंबे समय से ट्रांसपोर्ट नगर की मांग उठ रही है। विधायक राजकुमार ठुकराल ने कई बार विधानसभा में भी इस समस्या को उठाया है। जिला प्रशासन ने फरवरी में फाजलपुर महरौला में इसके लिए 38 एकड़ जमीन चिन्हित की थी लेकिन जमीन एएन झा इंटर कॉलेज के नाम दर्ज होने से हस्तांतरण में एनओसी का अड़ंगा था। इसको लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबरें भी प्रकाशित की थी।
इसके बाद सितंबर में सचिव उत्तराखंड शासन ने एनओसी को लेकर आदेश जारी कर दिए थे लेकिन एनओसी का मामला सुलझने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण कौन विभाग करेगा, यह साफ नहीं हो सका था। हालांकि डीडीए ने सर्किल रेट पर जमीन लेने और निर्माण करने का पत्र जिला प्रशासन को सौंपा था। निर्माण के लिए प्राधिकरण के साथ ही मंडी और नगर निगम के नाम भी सामने आ रहे थे। आखिरकार प्राधिकरण को प्रशासन ने ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण का जिम्मा सौंप दिया है। ओसी कलक्ट्रेट नरेश दुर्गापाल ने बताया कि शिक्षा विभाग के नाम दर्ज जमीन को प्राधिकरण को हस्तांतरित करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
ये होंगे निर्माण कार्य
- ट्रक और अन्य व्यवसायिक वाहनों के लिए बनेंगे टर्मिनल
- मोटर पार्ट्स और मेकेनिकों के लिए बनेंगी दुकानें
- सामान रखने के लिए बनेंगे गोदाम
- होटल, बैंक और एटीएम के लिए बनेंगे भवन
- चौड़ी सड़कें, ड्रेनेज के लिए बनेगी नालियां
- ट्रांसपोर्ट कंपनियों के लिए दफ्तर।
- टेलीफोन, बिजली और अन्य केबिल के लिए बनेंगे सर्विस डक्ट
ये होंगे फायदे
- शहर में व्यवसायिक वाहनों का दबाव कम होगा।
- जाम की दिक्कतों से कुछ हद तक राहत।
- रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
चार किश्तों में करेंगे धनराशि का भुगतान
रुद्रपुर। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बीडी तिवारी ने बताया कि सर्किल रेट पर जमीन लेने को लेकर सहमति जताई जा चुकी है। सर्किल रेट पर जमीन की कितनी धनराशि जमा करानी होगी, इसका आंकलन किया जा रहा है। चार किश्तों में धनराशि को जमा किया जाएगा।
38 एकड़ जमीन को प्राधिकरण को हस्तांतरित करने की कार्यवाही के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। जल्द जमीन हस्तांतरित हो जाएगी। जमीन की एवज में प्राधिकरण को सर्किल रेट के अनुसार निर्धारित धनराशि का भुगतान सरकार को करना होगा।
रंजना राजगुरु, डीएम