पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में कहीं बाजपुर चीनी मिल को बंद करने का षड्यंत्र तो नहीं हो रहा है। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर संघर्ष करने की आह्वान किया।
बुधवार को चीनी मिल गेट पर कर्मचारियों के धरने पर पहुंचे पूर्व सीएम रावत ने कहा कि हमारी सरकार ने चीनी मिलों की दशा सुधारने के लिए नादेही, बाजपुर शुगर मिलों का आधुनिकीकरण और पावर प्लांट लगाने का फैसला लेकर एडवांस में सहकारिता क्षेत्र में धन भी स्वीकृत किया था। उन्होंने ‘डबल इंजन सरकार की जय हो’ बोलते हुए कहा कि चीनी उद्योग, किसान, कर्मचारी संकट में हैं। उनकी सरकार में बीस करोड़ का बीज बदला गया, जिससे रिकवरी बढ़ाकर चीनी मिलों की स्थिति को सुधरा जा सके, लेकिन वर्तमान में पाकिस्तान से चीनी मंगाकर संकट पैदा किया गया है।
इससे पहले संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से श्रमिकों ने चीनी मिल में प्रधान प्रबंधक और आसवनी प्रबंधक की स्थायी नियुक्ति, वर्ष 2015-16 में राज्य कोष से मिलने वाली धनराशि ऋण के रूप में मिलने सहित छह सूत्रीय मांग पत्र पूर्व सीएम रावत को सौंपा। वहां पूर्व दर्जामंत्री सोनू शर्मा, मिक्की कपूर, पूर्व पालिकाध्यक्ष गुरजीत सिंह गित्ते, सुरजीत अग्निहोत्री, जगतार सिंह बाजवा, राजेंद्र बदी, अनिलसेन, साबिर हुसैन, निसार अहमद, गुड्डू, उसमान अली आदि थे।
चीनी मिल श्रमिकों को धरना छठे दिन भी जारी
बाजपुर। चीनी मिल श्रमिकों को धरना छठे दिन जारी रहा। बुधवार को धरने पर संतोख सिंह, प्रगट सिंह, कश्मीर सिंह, मनजीत सिंह, बलविंदर सिंह बैठे। इस मौके पर विशेष शर्मा, गुरमीत सिंह, कुलदीप सिंह, रामानंद, अकबर अली, मांगेराम, कपिल, सलीम आदि थे। इधर, पूर्व सीएम रावत ने आर्थिक तंगी के चलते तीन श्रमिकों की इलाज के अभाव में मौत होने पर गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की।