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ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट की राह में रोड़े अटका रहे कांग्रेसी

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राजेश शुक्ला, विधायक किच्छा। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने कहा है कि किच्छा के पास स्वीकृत ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट स्थापित नहीं होने देने के लिए तमाम कोशिशें की जा रहीं हैं। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता के आवास पर केशव पासी के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाने के लिए रिट तैयार की गई है। विश्व के पांचवें बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कांग्रेस ने विरोध कराकर बरहैनी ले जाने का षड्यंत्र रचा था, जिसे सफल नहीं होने दिया गया।
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शनिवार को जारी किए गए प्रेस बयान में विधायक ने कहा कि ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए करीब पांच किमी रन-वे वाली 1100 एकड़ जमीन चाहिए थी लेकिन वन विभाग, टीडीसी और सैनिक कल्याण फार्म होने के कारण विस्तारीकरण संभव नहीं था।
उनके प्रयास से तत्कालीन चीफ सेक्रेट्री उत्पल कुमार सिंह के साथ केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों ने कुछ महीने पहले 1100 एकड़ भूमि चयनित कर उसका परीक्षण भी कराया, जो तकनीकी रूप से एयरपोर्ट के लायक पाई गई। लगातार अवरोधों के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कैबिनेट में इस जमीन को एयरपोर्ट को देने का निर्णय लिया तो केशव पासी और उनके पीछे बैठी कांग्रेस के नेता बेचैन हो गए।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तो सार्वजनिक बयान देकर हवाई अड्डे की स्थापना का विरोध किया लेकिन उनके (शुक्ला के) प्रयासों से तीन दिन पूर्व यह जमीन एयरपोर्ट के नाम दर्ज हो गई थी। आरोप लगाया कि अब बौखलाए कांग्रेसियों ने केशव पासी को आगे कर एक कांग्रेसी नेता के आवास पर एक रिट तैयार की है।
कहा कि 2400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एयरपोर्ट से जिले के साथ ही किच्छा की तस्वीर बदलेगी। विपक्षियों की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। वह स्वयं भी सरकार के साथ इसकी हाईकोर्ट में दमदार पैरवी करेंगे।
मेरा कांग्रेस से कोई वास्ता नहीं है। मैं राजनीति से कोसों दूर हूं। पिछले 40 साल से आरएसएस का स्वयंसेवक हूं। राज्य के हित में सेवा का कार्य करता हूं। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे मनगढ़ंत हैं। विधायक से निवेदन है कि कृपया मेरा नाम लेकर गुमराह न करें। 15 साल से रेल सेवा के आंदोलन से जुड़ा हूं। उड्डयन विभाग के अधिकारियों को इस निर्णय पर पुनर्विचार करने को आग्रह किया जा रहा है। हाईकोर्ट की शरण में जाना अंतिम विकल्प है। - केशव पासी, बाजपुर।
विवि की भूमि पर एयरपोर्ट के विरोध में हस्ताक्षर अभियान आज से
पंतनगर। पंतनगर विवि की उपजाऊ भूमि पर एयरपोर्ट निर्माण के विरोध में कांग्रेस प्रदेश महामंत्री हरीश पनेरू ने शनिवार से पंतनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में हस्ताक्षर अभियान शुरू करने की घोषणा की है। शुक्रवार को पंतनगर के बड़ी मार्केट में आयोजित बैठक में इसका निर्णय लिया गया।
पनेरू ने कहा कि प्रदेश सरकार जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कृषि भूमि पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण कराने पर आमादा है, जिसके लिए 1072 एकड़ भूमि नागरिक उड्डयन विभाग को हस्तांतरित भी हो चुकी है। पूर्व में भी सिडकुल सहित अन्य विकास कार्यों के लिए पंत विवि की करीब साढ़े चार हजार एकड़ उपजाऊ भूमि दी जा चुकी है।
यदि इसी प्रकार पंत विवि की भूमि खुर्द-बुर्द की जाती रही तो आने वाले समय में हरित क्रांति की इस जननी का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। उत्तराखंड में कृषि को समृद्ध करना है तो पंत विवि को बर्बाद होने से बचाना ही होगा। हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत पंत विवि के वैज्ञानिकों से की जाएगी। वहां दान सिंह नयाल, अनुराधा जोशी, विमला चौहान आदि कार्यकर्ता थे। (संवाद)
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