सरदार बल्लभ भाई पटेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों की तैनाती की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। उन्होंने अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक डाक्टर नहीं भेजे जाएंगे, धरने से नहीं हटेंगे।
शुक्रवार सुबह दर्जनों कांग्रेसी अस्पताल परिसर पहुंचे और धरना दे दिया। प्रदेश महामंत्री हरीश पनेरू ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जनसुविधाएं मुहैया कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। क्षेत्रीय विधायक ने अस्पताल में तीन डाक्टरों की तैनाती की घोषणा तो कई बार की, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं करा सके।
इतना ही नहीं यहां तैनात अधीक्षक समेत डा. दर्शन सिंह का तबादला कर दिया गया। अस्पताल में आठ डाक्टरों के पद हैं, लेकिन तैनात मात्र दो हैं। कांग्रेसियों ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक किच्छा अस्पताल की व्यवस्थाएं नहीं सुधरेंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
धरने पर बंडिया के पूर्व प्रधान लियाकत अंसारी, चंदन पांडे, इम्तियाज मलिक, रमेश तिवारी, बंटी पपनेजा, अमरीक सिंह मंड, सिमरन ढिल्लों, फजील खान, तस्लीम सलमानी, मंगल सिंह आदि शामिल थे।
पांच साल कांग्रेस की सरकार में क्यों नहीं मिला सर्जन : शुक्ला
रुद्रपुर। किच्छा विधायक राजेश शुक्ला के आंदोलन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेसी नौटंकी कर रहे हैं। पांच साल कांग्रेस की सरकार रही। तत्कालीन सीएम हरीश रावत की घोषणा के बावजूद यहां सर्जन नहीं भेजे गए। विधायक ने कहा कि उनके प्रयास से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किच्छा का उच्चीकरण करने का शासनदेश हो गया। जल्द ही डाक्टर तैनात कर दिए जाएंगे।