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नए सत्र से स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई पर असमंजस

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नरुद्रपुर। शिक्षा विभाग एक जुलाई से सभी स्कूल खोलने की तैयारी कर रहा है लेकिन कक्षाओं में ऑफलाइन पढ़ाई कराने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। स्कूलों में पढ़ाई के लिए सरकारी की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है।
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण जिले में मार्च के आखिर से स्कूल बंद हैं। अप्रैल में कोरोना संक्रमण के चरम पर होने के कारण नया शिक्षा सत्र शुरू नहीं हो सका था। अब एक जुलाई यानी बृहस्पतिवार से स्कूल खोलने की तैयारी चल रही है। जिले में 786 प्राथमिक स्कूल, 124 हाईस्कूल व इंटर कॉलेज और 200 जूनियर हाईस्कूल बंद पड़े हैं।
इन स्कूलों को खोलने से पहले कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भली प्रकार से सैनिटाइज किया जाना जरूरी है। इधर, अभी तक ऑफलाइन पढ़ाई के लिए बच्चों के प्रवेश की अनुमति को लेकर निर्णय नहीं लिया जा सका है। अधिकारी सरकार की एसओपी का अधिकारी इंतजार कर रहे हैं। कोरोना की पहली लहर के दौरान जिले में सात महीने तक सभी स्कूल बंद रहे थे। दो नवंबर से माध्यमिक के स्कूल खुले थे।
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एक जुलाई से नया शिक्षा सत्र शुरू करने की तैयारी है। जिले के सभी स्कूल खुलेंगे। शिक्षक-शिक्षिकाओं को ड्यूटी पर आना पड़ सकता है लेकिन कोरोना की संभावित तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक बताई जा रही है। बच्चों की स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई को लेकर अभी निर्णय नहीं लिया गया है। नई गाइडलाइन के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। - आरसी आर्या, मुख्य शिक्षा अधिकारी।
ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में उतरी एनएसयूआई
रुद्रपुर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए एनएसयूआई ने मंगलवार को विश्वविद्यालयों की ऑफलाइन परीक्षा का विरोध किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अगली कक्षाओं में प्रोन्नत करने समेत चार सूत्री मांगों के लिए कुलपति को संबोधित ज्ञापन प्राचार्य को सौंपा।
वक्ताओं ने कहा कि कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस स्ट्रेन ने देश के कई शहरों में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। ऐसी स्थिति में विश्वविद्यालय की ओर से छात्र-छात्रों की ऑफलाइन परीक्षा लेना कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को न्यौता देने के समान है।
ऐसी नाजुक और भयावह स्थिति में ऑफलाइन परीक्षा कराना उचित नहीं है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को परीक्षा के बजाय सीधे अगली कक्षा में प्रोन्नत करने की मांग की। साथ ही कहा कि जब तक सभी छात्र-छात्राओं को टीका नहीं लगता, किसी प्रकार की परीक्षा आयोजित न की जाए।
चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर परीक्षा की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो कॉलेज गेट पर तालाबंदी कर धरना दिया जाएगा। वहां नितिन गक्खर, गौरव गक्खर, सार्थक शर्मा, दीपाली सिंह, रेणु पंत, आयुषी बिष्ट, अभिलाषा, रीति मौर्य,अभय अधिकारी, हिमांशु कोहली थे।
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