एनएच के बाइपास निर्माण के लिए अधिगृहित की गयी भूमि का मुआवजा देने के लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। मुआवजे से वंचित किसानों की बैठक में प्रशासन ने दो टूक कहा कि वर्ग चार में बने आवास का ही मुआवजा दिया जाएगा और दस दिन बाद रोड काट दी जाएगी।
एनएच ने खटीमा बाइपास के लिए पहेनियां चौराहे से कुटरी तक करीब 350 किसानों की भूमि अधिगृहित की है। दो वर्ष बीतने के बाद भी जमीन के विक्रेता मूल किसान और खरीदारों के बीच मुआवजे को लेकर एका नहीं हुआ है। आखिर मुआवजा किसको दिया जाए, इसके लिए प्रशासन और एनएच के अधिकारी पसोपेश में हैं।
शुक्रवार को एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने मुआवजे से वंचित किसानों की बैठक लेकर दो टूक कहा कि दस दिन बाद रोड काट दी जाएगी, जिसे परेशानी होगी वह मौके पर स्वयं खड़ा होगा, तभी मुआवजे का मामला निपटेगा। पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कुंवर सिंह खनका ने कहा कि वह जमीन कटते समय मौके पर रहेंगे, उन्होंने अपने जीवन की गाढ़ी कमाई लगाकर भूमि क्रय की है। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि वर्ग चार में बने आवास का ही मुआवजा मकान स्वामी को मिलेगा, लेकिन सरकारी जमीन का कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।
एसडीएम शुक्ल एवं एनएच के पब्लिक रिलेशन अफसर धर्मवीर के समक्ष मोहम्मद गंज, सुनखरा और जंगल जोगीठेर के करीब 36 किसानों ने नवंबर 2015 से सर्किल रेट का दो तिहाई मुआवजा न मिलने की जानकारी दी। किसानों ने कहा कि उनकी भूमि पर एनएच बन चुका है, लेकिन दो तिहाई मुआवजे के लिए वह चक्कर काट रहे हैं। बैठक में सेवा सिंह, गोपीराम कंछल, रामकिशोर राणा, विजयपाल सिंह, पूरन जोशी, कमान सिंह, मोहन चंद्र जोशी आदि मौजूद रहे।