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पूर्व रिसीवर की गिरफ्तारी से सिख संगत में आक्रोश

Mon, 22 Jun 2015 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नानकमत्ता
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पूर्व रिसीवर ज्ञानी स्वर्ण सिंह की गिरफ्तारी को लेकर सिख संगत में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी वीर सेनानियों का अपमान है। प्रशासन की कार्रवाई का समाज के सभी वर्गों के साथ सड़कों पर उतरकर पुरजोर विरोध किया जाएगा।
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गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के पूर्व रिसीवर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में सिख संगत सैकड़ों की संख्या में डेरा कारसेवा पहुंची। पूर्व विधायक पाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की गिरफ्तारी के विरोध में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को शासन द्वारा सौंपे मैडल को विरोध स्वरूप वापस कर देना चाहिए। वह मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।

जिला पंचायत के पूर्व सदस्य जगतार सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन सिखों के अधिकारों का हनन कर रहा है। सिख समाज प्रदेश सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेगा। संचालन देवेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह डिंपल, जत्थेदार त्रिलोक सिंह बघौरा, बलविंदर सिंह परदेशी, गुरसाहब सिंह, जसवीर सिंह, मुख्त्यार सिंह, फूला सिंह, बलवीर सिंह, बलराज सिंह, पूरन सिंह, रंजीत सिंह, बब्बू पठान, सुखविंदर सिंह आदि थे।
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इधर, पूर्व रिसीवर की गिरफ्तारी के मामले में डेरा कारसेवा में संतों का पहुंचना शुरू हो गया है। डेरा कारसेवा दिल्ली के बाबा सुरेंद्र सिंह, रीठा साहिब के बाबा श्याम सिंह, पटना साहिब के बाबा कश्मीर सिंह, नानकपुरी टांडा के गुरजंट सिंह ने डेरा पहुंचकर स्थिति पर विचार विमर्श भी किया।

एक माह के रिसीवर बनने की मिली सजा
सितारगंज। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ज्ञानी स्वर्ण सिंह केवल एक माह के लिए रिसीवर बने थे। 95 वर्ष की उम्र में जेल जाने से उनका परिवार तो आहत है ही सिख संगत में भी काफी गहरा आक्रोश है। संगत का कहना है कि क्षेत्र में स्वच्छ छवि और मृदुभाषी ज्ञानी स्वर्ण सिंह ने देश एवं समाज की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया और देश की आजादी के बाद उन्होंने धर्म की अलख जगाने का काम किया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ये दिन देखना पड़ेगा।
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