ऊर्जा निगम ने दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कमर कस ली है। दो करोड़ की लागत से भीड़ वाले पांच स्थानों पर एक-एक हजार केवीए के पांच नए ट्रांसफार्मर लगाने की प्रस्ताव बनाकर भेजा है। विभाग ने इसे कॉम्पेक्ट सब स्टेशन का नाम दिया है।
नगर के कई स्थानों पर बिजली के ट्रांसफार्मर खुले में रखे हुए हैं। जहां पर तारों का जाल बिछे होने के साथ ही बारिश में पानी गिरने से जमीन पर करंट दौड़ने का खतरा बना रहता है। जिससे हर वर्ष कोई न कोई व्यक्ति या मवेशी की करंट लगने से मौत हो जाती है। जिसका संज्ञान लेकर विभाग ने जीजीआईसी, मोहल्ला किला, मुंशीराम चौराहा, एमपी चौक, पुरानी अनाज मंडी चौराहा को चयनित किया।
इन स्थानों पर खुले में रखे ट्रांसफार्मरों को हटाकर एक हजार केवीए के ट्रांफार्मर बंद बॉक्स में लगाए जाएंगे। तारों के जाल को खत्म कर ट्रांसफार्मर से निकलने वाली एक इंसुलेटेड तार को विद्युत पोल से जोड़ा जाएगा। तारों का जाल हटने, इंसुलेटेड केबल लगने से जमीन पर करंट आने की समस्या से निजात मिलेगी। जिसके चलते करंट से मवेशियों और व्यक्तियों की जान बच सकेगी।
विभाग ने एक सप्ताह पूर्व ही दो करोड़ की लागत से पांच स्थानों का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद शीघ्र कॉम्पेक्ट सब स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। ईई विजय सकारिया ने बताया कि भीड़ वाले पांच स्थानों के ट्रांसफार्मर को हटाकर कॉम्पेक्ट सब स्टेशन का प्रस्ताव भेजा गया है।