जसपुर। तेलंगाना में अनुसूचित जातियों के लिए तय आरक्षण में जातिगत वर्गीकरण लागू होने के बाद प्रदेश में भी इसे लागू किए जाने की मांग उठने लगी है। पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एससी आरक्षण में उप वर्गीकरण के लिए आयोग का गठन करने की मांग की।
पूर्व विधायक डाॅ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने बताया कि एक अगस्त 2024 को सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक निर्णय देते हुए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के उप वर्गीकरण की संवैधानिकता को बरकरार रखा था। ताकि इन समुदायों के ही अति पिछड़े लोगों को आरक्षण का लाभ मिल सके। इन जातियों में उप वर्गीकरण का अधिकार राज्यों को दिया है। इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए बीते दिन तेलंगाना सरकार ने इसे अपने यहां लागू किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर तेलंगाना की तर्ज पर उत्तराखंड में भी लागू किए जाने के लिए आयोग का गठन करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने 25 अप्रैल 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उन्हें एक पत्र दिया था।