ऊधमसिंह नगर की नौ विधानसभाओं में सबसे हॉट सीट मानी जा रही किच्छा में पिछले 24 घंटों से मुख्यमंत्री हरीश रावत के चुनाव लड़ने की अटकलें अब और तेज हो गई हैं। वहीं दिल्ली दरबार में कांग्रेस के कई बड़े पदाधिकारी डेरा डाले हुए हैं। इस सीट पर पिछले तीन महीने से पूर्व मुख्य सचिव राकेश शर्मा भी चुनाव मैदान में कूदने के दावे कर रहे हैं। पूरे किच्छा विधानसभा में उन्होंने अपना व्यापक प्रचार भी शुरू कर दिया था। अब अगर सीएम यहां से खड़े होते हैं तो उनका चुनाव लड़ना मुश्किल है।
राकेश शर्मा के सूत्रों का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री हरीश रावत किच्छा सीट से चुनाव लड़ने को तैयार होते हैं तो फिर वह अपना चुनाव लड़ने का निर्णय बदल देंगे। उधर, एक सप्ताह से दिल्ली दरबार में डेरा डाले हुए किच्छा सीट से कांग्रेस के कई पदाधिकारियों में भी बेचैनी बढ़ गई है। करीब 16 दावेदारों में कई ने दिल्ली से अपने क्षेत्रों की ओर कूच करना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव हरीश पनेरू, किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष महेंद्र चावला, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, अजय तिवारी, किन्नू शुक्ला और सरवरयार खां अभी दिल्ली दरबार में अपनी हाजिरी लगाए हुए हैं। उधर, पिछले 24 घंटे से तराई में किच्छा सीट को लेकर चर्चाएं अब और जोर पकड़ती जा रही हैं।
राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक अफसरों के बीच अटकलें चल रही हैं कि किच्छा और हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र से मुख्यमंत्री हरीश रावत स्वयं चुनाव लड़ेंगे। उधर दिल्ली दरबार में डेरा जमाए किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष महेंद्र चावला और प्रदेश कांग्रेस महासचिव हरीश पनेरू का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री किच्छा से चुनाव लड़ते हैं तो फिर वह अपनी दावेदारी वापस लेते हुए पार्टी के मुखिया को ही चुनाव लड़ाने में जुट जाएंगे। दोनों नेताओं का कहना है कि पार्टी का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है।
राजनीतिक जानकारों का यह भी आंकलन है कि अगर सीएम किच्छा से चुनाव लड़ेंगे तो इसमें भाजपा को नुकसान हो सकता है। किच्छा सीट से लेकर सितारगंज और रुद्रपुर की सीटों पर भी कांग्रेस का जनाधार मजबूत हो सकता है। सितारगंज सीट से जहां भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बेटे को प्रत्याशी उतारा है वहीं कांग्रेस जिला पंचायत सदस्य मालती विश्वास पर दांव खेलना चाहती है। ऐसे में किच्छा विधानसभा से सटी रुद्रपुर सीट पर कांग्रेस के सिर्फ एक ही दावेदार तिलकराज बेहड़ मैदान में है।
। किच्छा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी राजेश शुक्ला के लिए जहां पिछले तीन महीने से पूर्व मुख्य सचिव राकेश शर्मा मुसीबत माने जा रहे थे, अब ऐसे में मुख्यमंत्री हरीश रावत के चुनाव लड़ने की संभावना ने गणित गड़बड़ा दिया है। मुख्यमंत्री के कद के समक्ष राजेश शुक्ला को कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। हालांकि राजेश शुक्ला पिछले चार साल से इस सीट पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन स्वयं मुख्यमंत्री के किच्छा सीट से चुनाव मैदान में उतरने से भाजपा के लिए भी यह बड़ी चुनौती होगी।
मुख्यमंत्री के खास सूत्रों ने जानकारी दी है कि सीएम हरीश रावत के लिए किच्छा और लालपुर क्षेत्र में 18 कमरों का एक मकान तीन महीने के लिए किराए पर लेने की तैयारी कर ली गई है। यहीं से उनके चुनाव कार्यालय का संचालन होगा। सीएम ने लालपुर क्षेत्र में विशाल भवन लेने की इच्छा जाहिर की है। उधर जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार जिले के दो आलाधिकारियों ने उक्त भवन देने की तैयारी कर ली है।