सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तीन साल के कार्यकाल में सरकार ने प्रदेश में सेवा, सुशासन और विकास की एक गाथा लिखने का प्रयास किया है। जब तक हम उत्तराखंड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी और आत्मनिर्भर नहीं बना लेंगे, चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि कोशिश रहेगी कि रुद्रपुर में मेडिकल कॉलेज को 2026 तक शुरू कर दिया जाए।
सरकार के तीन साल पूरे होने पर सोमवार को गांधी पार्क में जनसभा का आयोजन हुआ। इसमें सीएम धामी ने राज्य स्थापना में बलिदान देने वाले शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों को नमन कर संबोधन की शुरुआत की। कहा कि अपार जनसमुदाय में उत्साह से दिख रहा है कि तीन साल पहले जिस विश्वास ने जनता ने उनको राज्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उस पर सरकार खरा उतर रही है। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने ऊधमसिंह नगर में बड़ी संख्या में रहने वाले बंगाली समाज के जाति प्रमाणपत्रों में लिखे जाने वाले पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित शब्द को हटाने का काम किया। नजूल भूमि पर काबिल लोगों को मालिकाना हक दिया।
कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से सरकार ने प्रदेश में विकास की गति को बढ़ाने का काम किया है। शहरों से लेकर सुदूर गांवों को सड़कों से जोड़ा गया, उड़ान योजना से प्रदेश के कई नगरों के लिए हेली सेवाओं की शुरुआत कर एयर कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया। उद्योग, पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित 30 से अधिक नई नीतियों को लागू कर प्रदेश के विकास को गति प्रदान की है। होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजना और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाएं लागू कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगंधित पौधों व फूलों के साथ ही मोटे अनाज की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
प्रति व्यक्ति आय में 11.33% की वृद्धि
ऊधमसिंह नगर में हो रहे विकास के कई कार्य
मुस्लिम महिलाओं ने किया धन्यवाद
यूसीसी लागू करने पर मुस्लिम महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। भाजपा नेत्री फरजाना बेगम की अगुवाई में मुस्लिम महिलाओं ने गांधी पार्क गेट के ठीक सामने एकत्र होकर सीएम के रोड शो पर पुष्प बरसाए। उन्होंने हाथों में यूसीसी लागू करने पर धन्यवाद लिखे पोस्टर थामे थे। महिलाएं सीएम की जनसभा में भी पहुंची थी। मुख्यमंत्री ने कानून का समर्थन देने पहुंचीं मुस्लिम बहनों को धन्यवाद कहा। कहा कि ये कानून सबको समान अधिकार देगा। खास तौर पर मुस्लिम महिलाओं को कुरीतियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।