निर्माणाधीन तहसील भवन के आगे बनी दुकानों को ध्वस्त करने गई जेसीबी के साथ पहुंची प्रशासन की टीम को लेकर व्यापारियों ने खूब हंगामा किया। इस दौरान भाजपाइयों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हो गई। एसडीएम पूरन सिंह राणा ने मामला शांत कराया। एसडीएम ने दुकानें खाली करने के लिए दुकानदारों को तीन दिन की मोहलत दी। इधर, कार्यवाही के चलते मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई।
मालूम हो वर्ष 2007 में तत्कालीन एसडीएम केके निराला ने तहसील भवन के आगे बैठे फड़ खोखा व्यवसाइयों को पक्की दुकानों का निर्माण कराकर स्थापित किया था। इस समय तहसील का नया भवन 3 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से बनाया जा रहा है, जो अंतिम चरण में है। प्रशासन ने इन 12 दुकानों को हटाने का फरमान जारी किया है।
सोमवार को एसडीएम पूरन सिंह राणा, सीओ मिथलेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर दुकानों को ध्वस्त करने पहुंचे। जिस पर दुकानदारों के समर्थन में पहुंचे भाजपाइयों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्कामुक्का हुई।
एसडीएम ने समझाबुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मंडल एसडीएम पीएस राणा से मिला। जिसमें तीन दिन के भीतर दुकानें खाली करने पर सहमति बनी। व्यापार मंडल उपाध्यक्ष सिंह स्वरूप भारती, कोछड़ वायटी, राजेश कुमार, मेजर सिंह संधू, गौरव कुमार, सोनू गिल, हनीफ अंसारी, अजय यादव, रिंकू शर्मा, रिक्की शर्मा, विवेक कुमार, जयपाल कुमार, हरीश कुमार, मोहित सिंह, विजय बहादुर, टिंकू यादव, प्रेम सिंह, अब्दुल, मोहसिन, रेशम यादव, प्रेम यादव आदि थे।
पालिका कांप्लेक्स में दुकान देने का भरोसा
एसडीएम पूरन सिंह राणा ने बताया कि कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के आदेश पर मंगलवार को पालिका बोर्ड की बैठक होगी। जिसमें पालिका कांप्लेक्स में दुकानों को आवंटन करने का मामला प्रम़ुखता से रखा जायेगा। बोर्ड में पास होने पर व्यापारियों को दुकानों का आवंटन कर दिया जायेगी। कैबिनेट मंत्री आर्य ने खोखा स्वामियों को दुकाने दिलाने का पूरा भरोसा दिया है।