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साढ़े 5 लाख क्विंटल घटा चीनी का उत्पादन

Mon, 23 May 2016 11:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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चीनी - फोटो : अमर उजाला
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सरकार की ओर से गन्ना उत्पादकों की उपेक्षा का असर धरातल पर दिख रहा है। समय पर फसल का भुगतान नहीं होने, मिलों से खाद, दवाइयां नहीं मिलने से किसान गन्ने की फसल से विमुख हो रहा है। जिसका असर चीनी के उत्पादन पर भी पड़ रहा है। किसानों ने गन्ने का उत्पादन घटाकर नाराजगी झलका दी है।
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जिसके वजह से पिछले साल के मुकाबले चीनी का उत्पादन साढ़े पांच लाख क्विंटल घट गया है। दरअसल गन्ना विभाग के पास किसानों के विकास के लिए कोई योजना नहीं है। योजना तो दूर विभाग किसानों को मिलो से बकाया भुगतान तक नहीं दिला पा रहा है। अकेले काशीपुर क्षेत्र के किसानों का बंद हो चुकी काशीपुर चीनी मिल पर 27 करोड़ से अधिक बकाया है। गन्ना समितियां किसानों को जो खाद दवाइयां देती है। उसका पैसा ब्याज सहित वसूल कर लेती है। 

किसानों को घिसी पिटी प्रजातियों का बीज देने की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। जिसके चलते गन्ने की फसल से किसानों का मोह भंग होता जा रहा है। इसी वजह से लगातार चीनी का उत्पादन घट रहा है। पांच साल में इस बार सबसे कम चीनी का उत्पादन हुआ है। प्रगतिशील किसान हरजिंदर सिंह संधू ने कहा कि किसानों के गन्ने पर मिले चलती हैं। लेकिन गन्ना मिलों की ओर से ग्रामीण विकास में कोई योगदान नहीं दिया जा रहा है। 
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जिससे किसान धीरे धीरे गन्ने के उत्पादन से किनारा कर रहा है। गन्ना आयुक्त के जनसंपर्क अधिकारी कमल जोशी ने कहा कि गन्ना विकास विभाग समय-समय पर किसानों के लिए प्रशिक्षण, भ्रमण कार्यक्रम चलाता है। किसानों को उन्नत किस्म का बीज देता है।

पांच साल में सबसे कम चीनी उत्पादन
2011-12 में 33,14,257 लाख क्विंटल, 
2012-13 में 33,70,559 लाख क्विंटल
2013-14 में 28,89,000 लाख क्विंटल
2014-15 में 32,47,7443 लाख क्विंटल
2015-16 में 27 लाख क्विंटल

बकाए का ब्याज सहित भुगतान करे सरकार
किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतनाम सिंह चीमा ने कहा कि गन्ना विभाग समय पर गन्ने का भुगतान नही करता है। बंद हो चुकी काशीपुर चीनी मिल पर किसानों के गन्ने का करोड़ों रुपया बकाया है। सरकार किसानों को जो खाद दवाई देती है उसका पैसा ब्याज सहित वसूल कर लेती है। और किसानों के बकाए पर कोई ब्याज नहीं देती है। जबकि नियमानुसार 15 दिन बाद गन्ने का ब्याज सहित बकाया भुगतान होना चाहिए।
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