सितारगंज में जायडस कंपनी के कर्मचारियों से वार्ता करते एसडीएम तुषार सैनी। संवाद
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सितारगंज। जायडस वेलनेस प्रोडक्ट्स लिमिटेड फैक्टरी में पहली शिफ्ट से ही काम बंद कर दिया गया है और फैक्टरी परिसर में कर्मचारियों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई। इससे आक्रोशित श्रमिकों ने शनिवार को फैक्टरी के गेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद कर्मचारियों का शिष्टमंडल एसडीएम से मिला। यहां एसडीएम ने तहसीलदार, सिडकुल के आरएम और एएलसी की मौजूदगी में कर्मचारियों के शिष्टमंडल से वार्ता की। एसडीएम ने कहा कि फैक्टरी नियमों के तहत कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
सिडकुल की जायडस वेलनेस फैक्टरी ने गेट पर शुक्रवार को ही उद्योग बंद करने का नोटिस चस्पा कर दिया था। प्रबंधन ने नोटिस में कोविडकाल व उसके बाद सितारगंज यूनिट के आर्थिक नुकसान को बंदी का कारण बताया। बिना पूर्व सूचना के फैक्टरी बंद करने के निर्णय से कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया और कर्मचारी रात से ही फैक्टरी गेट पर एकत्र हो गए। शनिवार सुबह उन्होंने फैक्टरी गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। कोतवाल प्रकाश सिंह दानू ने फैक्टरी पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के निर्देश पर एसडीएम तुषार सैनी ने अपने कार्यालय में तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी, सिडकुल के आरएम रविंद्र सिंह, एएलसी अरविंद सिंह के साथ बैठक की।
जायडस वेलनेस इंप्लाइज यूनियन का शिष्टमंडल भी एसडीएम से मिलने पहुंचा। यहां शिष्टमंडल के सदस्य कर्मचारी संगठन के पूरन सिंह भाकुनी, दीपक सिंह, उमेश, दीपक नयाल ने अधिकारियों से वार्ता की। कहा कि कंपनी फायदे में चल रही थी लेकिन रातोंरात गुपचुप तरीके से फैक्टरी बंद कर दी गई। बताया कि कंपनी में करीब 150 स्थायी कर्मचारी हैं। करीब एक हजार कर्मचारी वर्षों से ठेकेदार के अधीन काम कर रहे थे। फैक्टरी बंद होने से उनके सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को फैक्टरी को पूर्ववत चलाने की मांग का पत्र भी सौंपा। एसडीएम ने कहा कि फैक्टरी के नियमों के तहत कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी। मंगलवार को फैक्टरी प्रबंधक को बुलाकर मामले में वार्ता करने का आश्वासन दिया।