गदरपुर। नंदपुर-खेमपुर किसान सेवा सहकारी समिति में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच की मांग के लिए क्षेत्रीय किसानों ने धरना देकर आक्रोश जताया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्री ज्ञापन राजस्व निरीक्षक को सौंपा।
शनिवार को भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह गोराया के नेतृत्व में क्षेत्रीय किसान नंदपुर खेमपुर किसान सेवा सहकारी समिति के परिसर में एकत्र हुए। किसानों ने परिसर में ही दरी बिछाकर समिति में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि समिति के अध्यक्ष और तत्कालीन सचिव ने कथित मिलीभगत कर सोसाइटी को भ्रष्टाचार में डुबो रखा है और मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि समिति परिसर में यूसीएफ के धान क्रय केंद्र में भी अनियमितताएं हो रही हैं।
किसानों ने तत्कालीन सचिव केशव प्रसाद पर आरोप लगाया कि उनकी ओर से स्थानांतरित होकर आए सचिव नेमपाल सिंह को कार्यभार नहीं सौंपा जा रहा है। समिति में सेवानिवृत्त कर्मी को संविदा कर्मी दर्शाकर निर्धारित मानक से अधिक मानदेय उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत किसानों को मिले अनुदान को सचिव एवं कर्मचारियों ने किसानों को नहीं दिया।
किसानों ने कहा कि यदि समिति में व्याप्त भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच नहीं की गई तो भाकियू अराजनैतिक सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने को बाध्य होगा। धरना देने वालों में समिति संचालक रोशन सरना, बिशन सिंह, राजकुमार, संजय भांबरी, गुरनाम सिंह, ध्यान चंद कंबोज, वीर सिंह, चंचल सिंह, राजेंद्र कंबोज, पलविंदर सिंह, रमेश सिंह, सतपाल मैंनी, शोभी सिंह, भगवंत सिंह, लक्ष्मण दास आदि थे। संवाद
किसानों के आरोप बेबुनियाद हैं। उक्त प्रकरण में कई बार जांच हो चुकी है। पूर्व अध्यक्ष ने समिति की भूमि पर अपना नाम दर्ज कराया हुआ है जिससे बचने के लिए सुनियोजित तरीके से विरोध किया जा रहा है। - गुरनाम चंद कंबोज, अध्यक्ष, नंदपुर-खेमपुर किसान सेवा सहकारी समिति।
समिति में चल रहे धान क्रय केंद्र की जिम्मेदारी यूसीएफ की है। किसानों के आरोप मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित हैं। जो भी आरोप हैं उनकी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। - केशव प्रसाद, निवर्तमान सचिव, नंदपुर-खेमपुर किसान सेवा सहकारी समिति।