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एक बाघ, दो बाघिन दिखने पर गांव में दहशत

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खटीमा के सुरई रेंज में झाउपरसा जंगल में ड्रोन कैमरे में कैद बाघ की लोटपोट तस्वीर। संवाद - फोटो : KHATIMA
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रुद्रपुर। नैनीताल हाईवे के किनारे स्थित छतरपुर गांव में रेलवे ट्रैक के पास बाघ और बाघिन देखे जाने के बाद ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग ने वहां गश्त बढ़ा दी है। क्षेत्र में एक टीम को भी तैनात कर दिया गया है।
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शनिवार रात करीब 11:30 बजे बाघ और बाघिन देखे जाने की सूचना वन विभाग को मिली। रुद्रपुर वन प्रभाग रेेंज के दरोगा प्रमोद त्रिपाठी ने बताया कि आसपास के लोगों को झाड़ियों के नजदीक न जाने की हिदायत दी गई है। उन्होंने बताया कि रुद्रपुर-हल्द्वानी रेलमार्ग में छतरपुर क्रासिंग के गेट पर तैनात रेल कर्मी ने बाघ, बाघिन को देखा था।
ड्रोन कैमरे में कैद हुई बाघ की तस्वीर
खटीमा। सुरई रेंज के मेलाघाट क्षेत्र के झाऊपरसा गांव के लोग बाघ के खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। सुरई रेंज के वनक्षेत्राधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि शनिवार को बाघ ड्रोन कैमरे में कैद हो गया है। इसके बाद वन विभाग ने चौकसी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि लगातार गश्त के बाद भी बाघ कैमरे में नहीं दिख रहा है। पद चिह्न से ही उसके आने-जाने का पता चल रहा है।
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शनिवार की रात को ऊंची बगुलिया निवासी लल्लन और गोपाल शौच के लिए जंगल गए तो उन्हें बाघ दिखाई दिया। शोर मचाने पर ग्रामीण पहुंचे लेकिन तब तक बाघ जंगल में भाग गया। बाघ ने ऊंची बगुलिया में रामप्रीत की गाय को भी निवाला बनाया है। पूर्व में झाऊपरसा निवासी रोहित को भी बाघ अपना निवाला बना चुका है। ग्रामीणों को बाघ की इतनी दहशत है कि उन्होंने अपने बच्चों को रिश्तेदारी में भेज दिया है। गांव में दिन में ही सन्नाटा पसरा रहता है।
दो पिंजरे लगाए हैं
खटीमा। रविवार को वन्य जीव विशेषज्ञ की टीम के डॉ. आयुष मौके पर पहुंचे। बाघ को पकड़ने के लिए दो पिंजरे भी लगाए गए है। डिप्टी रेंजर सतीश रेखाड़ी और डिप्टी रेंजर सुखदेव मुनि के नेतृत्व में टीम लगातार गश्त कर रही है और मुनादी कर ग्रामीणों को अकेले जंगल में न आने जाने की अपील की जा रही है। टीम में सुंदरलाल वर्मा, अजमत खान, चंद्र पाल यादव, त्रिलोक राम, बाबूराम यादव, आरडी वर्मा, राजू दास, ओमकार सिंह, हरीश राम, बृजेश, पोथी राम, राजू दास, ओमकार सिंह आदि थे।
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