कृषि कानूनों का समर्थन करने वाले नेताओं और मंत्रियों का किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। ऐसे नेताओं को किसानों ने गांव में नहीं घुसने देने की चेतावनी दी है। जहां सोमवार को किसानों ने काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा का विरोध किया था, वहीं मंगलवार को बाजपुर क्षेत्र के ग्राम सभा बासंखेड़ा के उपग्राम विजय रम्पुरा स्थित जनजाति प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जा रहे शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को किसानों का जबर्दस्त विरोध झेलना पड़ा। किसानों ने हाथ में काले झंडे लेकर नारेबाजी कर शिक्षा मंत्री को गांव में नहीं घुसने देने की बात कही।
हंगामा बढ़ने पर पुलिस अधिकारियों ने शिक्षा मंत्री को दूसरे रास्ते से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा दिया लेकिन जैसे ही किसानों को इस बात की सूचना मिली तो किसान भी स्कूल जा धमके और शिक्षा मंत्री का विरोध किया। हालांकि भारी विरोध के बावजूद शिक्षा मंत्री ने स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस बीच दोपहर 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक किसानों का हंगामा चलता रहा।
ग्राम बांसखेड़ा के उपग्राम विजय रम्पुरा स्थित जनजाति प्राथमिक विद्यालय की दो छात्राओं का एकलव्य आवासीय विद्यालय बाजपुर और खटीमा में चयन होने पर मंगलवार को स्कूल में सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने जा रहे थे।
इसकी सूचना मिलते ही आसपास के किसान एकत्र हो गए। किसानों ने शिक्षा मंत्री पांडेय के कुछ समर्थकों के समक्ष कृषि कानूनों का समर्थन करने वालों का विरोध करने और उन्हें गांव में नहीं घुसने देने की चेतावनी दी। काफी देर तक किसान गांव आने वाले मोड़ पर प्रदर्शन करते रहे और दरी बिछाकर वहीं बैठ गए। सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और किसानों को समझाने की कोशिश की लेकिन किसान नहीं माने।
किसानों के गुस्से को भांपते हुए पुलिस अधिकारियों ने दूसरे रास्ते से शिक्षा मंत्री को कार्यक्रम में पहुंचाने की योजना बना ली। शिक्षा मंत्री पांडेय के बेरिया दौलत से गांव विजय रम्पुरा स्थित स्कूल में पहुंचने की सूचना मिलते ही गुस्साए किसान भी गांव के मोड़ से उठकर कार्यक्रम स्थल की तरफ कूच कर गए। किसानों की भीड़ को देखकर पुलिस अफसरों के हाथ पांव फूल गए। स्कूल गेट पर खड़ी गाड़ी मेें बैठे शिक्षा मंत्री पांडेय को देखते ही किसान आक्रोशित हो गए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस अधिकारियों ने घेरा बनाकर शिक्षा मंत्री को गाड़ी से उतारकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया। इस दौरान किसानों ने की पुलिस से काफी नोकझोंक भी हुई और खूब हंगामा भी हुआ।
हहंगामे के चलते 20 मिनट गाड़ी में ही बैठे रहे शिक्षा मंत्री
बाजपुर। स्कूल गेट पर किसानों के हंगामे के चलते शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय करीब 20 मिनट तक अपनी गाड़ी में ही बैठे रहे। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया। इस बीच किसान शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। (संवाद)
बाजपुर। गांव बांसखेड़ा के विजय रम्पुरा में विरोध के दौरान किसानों ने सड़क पर लंगर लगाया। गुरुद्वारा साहिब से लंगर की व्यवस्था की गई। खास बात रही कि जो पुलिस किसानों को रोकने और समझाने पहुंची थी, किसानों ने आदर के साथ उन्हें भी लंगर में भोजन कराया। किसानों के कार्यक्रम स्थल की तरफ रुख करने पर आननफानन में बाजपुर एसएसआई जसविंदर सिंह एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर आगे पहुंचे और किसानों को रोकने की कोशिश की। (संवाद)
किसानों तेवर देख बुलाया फोर्स
बाजपुर। किसानों तेवर देेख प्रशासनिक अधिकारियों ने केलाखेड़ा, गदरपुर, बाजपुर सहित आसपास के थानों से पुलिस फोर्स को मौके पर बुलवा लिया। किसानों ने कहा कि दिल्ली जाकर काले कानूनों का समर्थन करने वाला मंत्री और कोई भी नेता किसानों का हितैषी नहीं हो सकता। इनको गांव में नहीं घुसने देंगे। (संवाद)
स्कूल गेट पर हंगामा होने पर मची अफरातफरी
बाजपुर। गांव विजय रम्पुरा स्थित जनजाति प्राथमिक विद्यालय की दो छात्राओं के एकल्वय विद्यालय में चयनित होने पर स्कूल मंगलवार को दोपहर साढ़े 12 बजे सम्मान कार्यक्रम निर्धारित था लेकिन भारी विरोध के चलते दोहपर ढाई बजे शिक्षा मंत्री कार्यक्रम में पहुंचे। तीन बजे कार्यक्रम संपन्न हो गया और शिक्षा मंत्री लौट गए। इस पूरे समय किसान हंगामा और नारेबाजी करते रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान वहां अफरातफरी मची रही। (संवाद)
पुलिस पूरा घटनाक्रम डेली रूटीन में दर्ज करेगी
बाजपुर। एएसपी राजेश भट्ट ने बताया कि किसी भी गांव में जाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। विरोध शांतिपूर्वक होता है। गांव में जाने से रोकना गलत है। पुलिस इस घटना को अपनी डेली रूटीन की कार्रवाई में दर्ज करेगी। (संवाद)
शिक्षा मंत्री पांडेय ने चयनित हंसिका, भूमिका को किया सम्मानित
बाजपुर। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने जनजाति प्राथमिक विद्यालय की चयनित छात्रा हंसिका और भूमिका को सम्मानित किया। इस दौरान पांडेय ने स्कूल में पढ़ने वाले करीब दो सौ बच्चों को ड्रेस देने और स्कूल में दो कक्षा कक्षों का निर्माण कराने की घोषणा की। पांडेय ने गोद लिए अनाथ बच्चे को भी सम्मानित किया, जिसकी लोगों ने सराहना की।
मंगलवार को विजय रम्पुरा स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री पांडेय ने कहा कि दो दिन पहले गांव शोकानंगला स्थित गुरुद्वारे में एक भोग कार्यक्रम के दौरान अनाथ 11 वर्षीय राजीव उन्हें मिला था। उसके दो छोटे भाई और दो बहने हैं। उन्होंने इस बालक और उसके भाई-बहनों को पढ़ाने का जिम्मा लिया है। इन बच्चों की पूरी मदद की जाएगी। पांडेय ने अनाथ बच्चों के लिए क्षेत्र में एक आश्रम बनाने की बात भी कही। पांडेय ने शीतपुरी मार्ग का निर्माण जल्द करने का भरोसा दिया। वहां अतुल पांडेय, अमर पांडेय बीईओ हवलदार प्रसाद, उपशिक्षा अधिकारी प्रेमा बिष्ट, प्रेम मुनगली, एमसी शुक्ला, अमर सिंह, मुन्नी लाल, महिपाल, हरी सिंह आदि थे। (संवाद)
कृषि कानून को लेकर अब किसानों के निशाने पर मंत्री और विधायक
काशीपुर। कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे किसान जहां अब तक सिर्फ केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। वहीं अब किसानों ने स्थानीय स्तर पर मंत्री और विधायकों को भी निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। आने वाले चुनाव और किसानों की नाराजगी को लेकर मंत्री और विधायक भी अब कुछ सहमे हुए हैं।
किसान आंदोलन को करीब एक माह का समय हो गया है। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर देश भर के सैकड़ों किसान दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं। किसानों की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचे, इसके लिए अब किसानों ने आमरण अनशन भी शुरू कर दिया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जहां किसानों का खुल कर समर्थन कर रही है। वहीं, भाजपा के मंत्री और विधायक केंद्र में अपनी सरकार होने के कारण किसानों के हक में नहीं बोल पा रहे हैं। स्थानीय लोगों और किसानों के वोटों से चुनाव जीतने के बाद भी किसानों के हक में मंत्री और विधायकों का ना बोलना अब किसानों को भी अखरने लगा है। किसान अब खुलकर अपने क्षेत्र के मंत्री और विधायकों के विरोध में खड़े होने लगे हैं ।
दो दिन पूर्व किसानों ने जहां खुद को किसान कहने वाले काशीपुर विधायक हरभजन सिंह के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाकर उनसे इस्तीफे की मांग कर डाली, वहीं मंगलवार को किसानों का गुस्सा शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय पर फूट पड़ा। किसानों ने जहां शिक्षा मंत्री के काफिले का रास्ता बंद कर दिया, वहीं उन्हें किसान विरोधी भी बताया। मंत्री, विधायकों पर संतरे और चूड़ी फेंकने के मामले भी किसान आंदोलन के बाद ही सामने आए हैं। किसानों के इस गुस्से को देखकर आने वाले चुनाव में वोट बैंक पर मंडराते खतरे को देखते हुए अब दबी जुबान में मंत्री और विधायक भी कहने लगे हैं कि सरकार को किसानों से समझौता करना चाहिए लेकिन खुलकर किसानों की पैरवी करके वह किसी पार्टी के निशाने पर भी नहीं आना चाहते।
बाजपुर के गांव बांसखेड़ा विजय रम्पुरा में मंत्री पांडेय के कार्यक्रम की तरफ किसानों के जाने पर ब?- फोटो : BAZPUR
बाजपुर गांव बांसखेड़ा विजयरम्पुरा में सडक किनारे धरना देते किसान।- फोटो : BAZPUR
बाजपुर के गांव बांसखेडा विजय रम्पुरा में गोद लिए अनाथ बच्चे को सम्मानित करते शिक्षा मंत्री पांड?- फोटो : BAZPUR
बाजपुर के गांव बांसखेड़ा विजय रम्पुरा स्कूल गेट पर किसानों के हंगामे के बीच गाड़ी से उतारकर शिक्?- फोटो : BAZPUR
बाजपुर के गांव विजयरम्पुरा में हंगामा करते किसान।- फोटो : BAZPUR