काशीपुर। अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी चिराग बरेठा ने सात साल के अथक प्रयास से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण समेत कई पदक हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। इसी महीने दुबई में होने वाली चैंपियनशिप के लिए वह अभ्यास कर रहे हैं।
मानपुर रोड काशीपुर निवासी चिराग बरेठा वर्ष 2017 से पैरा बैडमिंटन खेल में कदम रखा। उन्होंने शारीरिक परेशानी को मात देकर एक के बाद एक कई प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए। वर्ष 2018 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने बाद भी खेल नीति के तहत राज्य सरकार से उन्हें नौकरी नहीं मिली।
कुछ समय पूर्व ही इनकम टैक्स इंस्पेक्टर चेन्नई में तैनाती मिलने पर राहत की सांस ली है। चिराग ने बताया कि 2017 एशियन यूथ पैरा गेम्स में कांस्य, 2018 में एशियन पैरा गेम्स में कांस्य, 2022 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य, 2023 में एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक हासिल किए हैं।
अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 5 स्वर्ण, 4 रजत, 3 कांस्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 8 स्वर्ण, 7 रजत, 9 कांस्य पदक हासिल कर चुके हैं। वर्तमान में वह सिंगल, मेन्स डबल्स, मिक्सड डबल्स तीनों में स्वर्ण डिफेंडिंग चैंपियन है और नेशनल चैंपियनशिप में ट्रिपल गोल्ड मेडलिस्ट है।
10-18 दिसंबर तक दुबई पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2023 का आयोजन होगा। इसके लिए वह लखनऊ में कोच द्रोणाचार्य अवार्डी गौरव खन्ना से प्रशिक्षण ले रहे हैं।
परिवार का खर्च उठाने में हुई दिक्कत
काशीपुर। चिराग बताते हैं कि पिता रमेश चंद्र बरेठा एक कंपनी में नौकरी करते थे। पिछले साल वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। माता निशा बरेठा गृहिणी है। बड़ा भाई नितिन कुमार भी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। एशियन पदक जीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने पर परिवार चलाने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। अब केंद्र सरकार से मिली नौकरी से राहत मिल सकी है। संवाद