रुद्रपुर। नजूल की भूमि पर संचालित डिजिटल ग्लोबल वर्ल्ड स्कूल पर लटकी कार्रवाई की तलवार के बीच अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। अगर जांच में स्कूल की मान्यता गलत तथ्यों के आधार पर पाई जाती है और उसे निरस्त किया जाता है तो सभी छात्र-छात्राओं को नजदीकी स्कूलों में समायोजित किया जाएगा।
छह मई को जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर एडीएम पंकज उपाध्याय भारी पुलिस बल और राजस्व टीम के साथ फाजलपुर महरौला स्थित स्कूल पहुंचे। प्रशासन ने स्कूल परिसर के बाहर की अवैध घेराबंदी हटाते हुए मुख्य गेट को सील कर दिया।
जांच में सामने आया कि स्कूल संचालक शकील ने करीब 400 वर्ग मीटर सीलिंग भूमि पर बिना स्वामित्व के कब्जा कर चहारदीवारी बनाई थी। साथ ही जिस भवन में स्कूल संचालित हो रहा है, उसका नक्शा भी स्वीकृत नहीं मिला और भूमि के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज भी स्पष्ट नहीं पाए गए।
एडीएम पंकज उपाध्याय ने मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा को स्कूल की मान्यता और भूमि दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। एडीएम ने कहा कि अगर मान्यता नियमों के विपरीत दी गई पाई जाती है तो उसे तत्काल निरस्त किया जाएगा।
स्कूल में वर्तमान में करीब 300 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें नजदीकी विद्यालयों में समायोजित कर पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रखी जाएगी। किसी भी बच्चे की पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।