शुक्रवार को एसडीएम चंद्र सिंह इमलाल ने राजकीय प्राथमिक स्कूल गोठा का आकस्मिक निरीक्षण किया। इससे स्कूल के टीचरों में हड़कंप मच गया। एसडीएम ने उपस्थिति पंजिका की जांच की। जिसमें 219 बच्चे पंजीकृत मिले। इसके अलावा 166 बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई। जबकि, भौतिक सत्यापन करने पर एसडीएम को स्कूल में 104 बच्चे ही मिले। एसडीएम ने उपस्थिति पंजिका और बच्चों की हाजिरी के अंतर मिलने पर प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा। निरीक्षण के दौरान शौचालय पूरी तरह जर्जर मिलने पर एसडीएम ने प्रधानाध्यापक से शौचालय निर्माण का प्रस्ताव बनाकर स्वजल परियोजना को भेजने को कहा।
शिक्षा विभाग को विद्यालय भवन की दूसरी मंजिल पर जाने वाली सीढ़ी की रेलिंग बनवाने के निर्देश दिए। इससे पूर्व एसडीएम ने गोठा गांव में कैंप लगाकर समस्याएं सुनीं। यहां गोठा से विरेंद्रनगर गांव तक टूटी सड़क के निर्माण की मांग उठी। इसके अलावा राशन कार्ड, बिजली और पानी की समस्याओं से भी ग्रामीणों ने एसडीएम को अवगत कराया। एसडीएम ने ग्रामीणों को समस्याओं के शीघ्र निदान का भरोसा दिलाया। वहां प्रधान बलराम यादव, कमलावती आदि थे।