ऊधमसिंह नगर के गदरपुर तहसील क्षेत्र के गांव सकैनिया के राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य राजेश्वर सिंह होल्कर ने मात्र दस महीने के अंतराल में बदहाल इंटर कालेज की दशा को सुधारकर एक आदर्श स्कूल की पहचान दिलाई है। ये सरकारी इंटर कालेज किसी पब्लिक स्कूल से कम नहीं है।
राजकीय इंटर कालेज सकैनिया के प्रिंसिपल राजेश्वर सिंह होल्कर ने 16 सितंबर 2015 को यहां प्रधानाचार्य के रूप में कार्यभार संभाला। स्कूल दशा को देखते हुए पहले ही दिन से उन्होंने इसे सुधारने का बीड़ा उठाया। उन्होंने सकैनियां के ग्राम प्रधान संजय चौधरी और अभिभावकों की मदद से अपने करीब दस महीने के कार्यकाल में एक साफ सुथरी लाइब्रेरी, तीन साइंस लैब, खेलने के लिए मैदान और बच्चों के बैठने के लिए नए फर्नीचर की व्यवस्था कर सरकार को आइना दिखाया है।
इतना ही नहीं हर क्लास, स्कूल परिसर और मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। स्कूल में बदहाल मात्र तीन शौचालयों की जगह छात्र-छात्राओं से लेकर स्कूल स्टाफ तक सबके लिए स्कूल में करीब 27 शौचालय बनाए गए हैं। वर्तमान में स्कूल में जहां छात्र-छात्राओं की संख्या करीब 780 है, वहीं स्कूल का रिजल्ट भी इस बार उत्तराखंड बोर्ड हाईस्कूल में 64 प्रतिशत रहा है, वहीं इंटर में भी 89.36 प्रतिशत रहा है। होल्कर ने बताया कि शिक्षक अभिभावक संघ की बैठक में पूर्व निर्धारित शुल्क में सहमति से वृद्धि करके विद्यालय को कई जरूरी सुविधाएं प्रदान की गई हैं।
तीन और स्कूलों को दे चुके हैं पहचान
राजकीय इंटर कालेज सकैनिया के प्रिंसिपल राजेश्वर सिंह होल्कर इससे पहले तीन और स्कूलों को विशेष पहचान दिला चुके हैं। इसमें नानकमत्ता क्षेत्र के डैम पार आस्था बिही हाईस्कूल को भी उन्होंने अपने इसी अंदाज में गांव वालों और अभिभावकों की मदद से आदर्श स्कूल के रूप में पहचान दिलाई है। नैनीताल जिले के रामपुर स्थित छोई राजकीय इंटर कालेज को भी उन्होंने सुविधाओं से लैस करके उसकी सुंदरता में भी चार चांद लगाए। छोई इंटर कालेज की सुंदरता को देखते हुए वहां के स्कूल में विवेक ओबराय की फिल्म काल की शूटिंग भी हुई। लालपुर और किच्छा के बीच चुपटी देवरिया जो कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का गांव है वहां के स्कूल को भी प्रिंसिपल होल्कर ने पहचान दिलाई। 9 छात्रों से शुरू किए उस स्कूल में आज 900 छात्र-छात्राओं की संख्या है।
इन लोगों का रहा विशेष योगदान
ग्राम प्रधान संजय चौधरी, रुद्रपुर के ग्रीन पार्क निवासी प्रमोद कुमार, सिडकुल की एक फैक्ट्री के इंजीनियर ललित मोहन और स्कूल के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने एकजुट होकर स्कूल की मदद का संकल्प लिया और प्रधानाचार्य होल्कर के जज्बे के साथ खड़े हुए।