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देवीध्वज फहराने के साथ आज शुरू होगा चैती मेला

Sun, 18 Mar 2018 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
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पंडा परिवार के चैती मंदिर में मां भगवती बाल सुंदरी देवी के ध्वज फहराने के साथ ही रविावार को चैती मेला का आगाज होगा।

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पंडा परिवार के सदस्य सुबह से ही चैती मंदिर में मंत्रोच्चारण के साथ पूजा आरंभ करेंगे। प्रधान पंडा वंश गोपल ने बताया कि घट की स्थापना की जाएगी और पंडा परिवार मंदिर में देवीध्वज फहराएंगे। 

मां भगवती बाल सुंदरी देवी का यहां चैती मंदिर में शक्ति पीठ है। मान्यता है कि जब भोले शंकर देवी के मृत शरीर को लेकर तांडव कर रहे थे। तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से देवी का शव विच्छेदन किया। इससे 52 स्थानों पर देवी के अंग गिरे उन स्थानों को शक्ति पीठ की मान्यता है। यहां देवी की बायीं भुजा गिरी है। पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि धार्मिक ग्रथों में उज्जैनी (काशीपुर) को देवी का शक्ति पीठ बताया गया है।
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मुख्य पंडा 24 मार्च की मध्य रात्रि में मां भगवती का डोला जुलूस के साथ चैती मंदिर लेकर आएंगे और 25 मार्च की सुबह मंदिर में पहुंचेंगे। 29 की मध्य रात्रि पंडा मनोज अग्निहोत्री डोला लेकर वापस पंडा आवास स्थित मंदिर पक्का कोट लौट जाएंगे। 


मेले में अब तक नहीं लगी एक भी दुकान
काशीपुर में  इस साल चैती मेला लगाने की व्यवस्था सरकारी है। मेला में टिन शेड की दुकानें बनाने का ठेका शुक्रवार को हुआ है। जिससे अभी तक दुकानें बनाने का काम पूरा नहीं होने से एक भी दुकान नहीं खुली है। ठेकेदार श्रमिकों के साथ दुकानें बनाने में लगे हैं। यह पहला मौका होगा जब बिना मेला लगे मेला का उद्घाटन होगा। जबकि अब तक के वर्षों में एक सप्ताह पूर्व ही दुकानें लग जाती थीं।


नहीं बने शौचालय
काशीपुर में मेला में अब तक अस्थायी शौचालयों का निर्माण, पेयजल, अग्निशमन, सफाई व्यवस्था नहीं हुई है। मेला में प्रशासन का कोई भी अधिकारी नहीं है जो दुकानों को व्यवस्थित लगवाने व छोटी समस्याओं का मौके पर निस्तारण कर सके।




पार्किंग का ठेका पांच लाख में छूटा
काशीपुर में ब्लॉक सभागार में चैती मेला प्रबंध समिति पार्किंग की खुली बोली कराई। सर्वाधिक बोली देव भूमि की ओर से ऋषभ ने पांच लाख की लगाई, जबकि पुखराज सिंह ने साढ़े चार लाख की लगाई। यह ठेका दो ,तीन व चार पहिया वाहन का है। इस मौके पर मेला प्रबंध समिति के मुखिया मेला अधिकारी/एसडीएम दयानंद सरस्वती, तहसीलदार संजय कुमार, प्रभारी बीडीओ जगदीश पंत, कोषाधिकारी दिलीप सिंह बिष्ट थे।
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नखासा बाजार में भी नहीं हुई व्यवस्थाएं
काशीपुर में नखासा बाजार में घोड़े आने शुरू हो गए। लेकिन नखाशा बाजार में पानी, बिजली व शौचालयों की कोई व्यवस्था नहीं है। चैती मेला का नखासा बाजार देश भर में प्रसिद्ध है, यहां पंजाब, गुजरात, यूपी से घोड़े आते हैं। यह बाजार मेला आरंभ होने के दिन से लगता है और देवी के मेला में आने के दिन समाप्त हो जाता है। यहां प्रति वर्ष लगभग डेढ़ दो हजार घोड़े बिक जाते हैं। शनिवार को सहसपुर, बदायूं से तकरीबन चार दर्जन घोड़े पहुंच गए हैं। नखाशा बाजार पांच एकड़ के आम के बाग में लगता है। मेले में जो घोड़ा बिकता है उससे मेला टैक्स वसूला जाता।

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