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हिमालयी राज्यों के लिए विशेष केंद्रीय पैकेज मांगा

Mon, 03 Apr 2017 01:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर।
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himalayan park
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काशीपुर। नई औद्योगिक नीति का रोडमैप बन गया है। इसके परीक्षण, सुझाव के लिए पिछले दिनों नई दिल्ली में बैठक हुई। इसमें उत्तराखंड के विकास के लिए स्पेशल केंद्रीय पैकेज की जरूरत बताते हुए औद्योगिक विकास की संभावनाओं से अवगत कराया गया। भारत सरकार वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग ने हिमालयी राज्यों के लिए नई औद्योगिक नीति के रोडमैप के परीक्षण, सुझाव मांगे। इसके लिए नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत की अध्यक्षता में दिल्ली में बैठक हुई।
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इसमें जम्मू कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड के अधिकारी, औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव रामास्वामी ने बताया कि 70 प्रतिशत वन क्षेत्र के बाद बचे क्षेत्र में वर्तमान में ग्रीन ट्रिब्यूनल, हाइकोर्ट के आदेशानुसार अनुमतियों में अड़चन आ रही है। इस कारण यहां के औद्योगिक, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं नए लगने वाले प्रतिष्ठानों के उद्यमियों को अनिश्चितता लग रही है। इसलिए प्रदेश को विकास के लिए स्पेशल केंद्रीय पैकेज की जरूरत है।

विभिन्न हिमालयी क्षेत्रों के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए पूर्व की तरह स्पेशल पैकेज, जिसमें एक्साइज, इनकम टैक्स, ट्रांसपोर्ट उत्पादन, केंद्रीय ट्रेड टैक्स की माफी आदि की मांग रखी। यूआईए के पंकज गुप्ता ने पर्यटन के विकास को तेजी से गति देने के लिए आकर्षक, मनोरंजक केंद्रों के खुलवाने के लिए स्पेशल इंसेंटिव देने की वकालत की।
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पीएचडी उत्तराखंड के को-चेयरमैन राजीव घई ने प्रदेश के दूरस्थ स्थानों से लगातार माइग्रेशन होने को प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या बताया। इसके समाधान को प्राथमिकता देने के लिए अधिक रोजगार बढ़ाने वाली योजनाओं को प्राथमिकता देने को कहा। बैठक में उत्तराखंड के निर्देशक उद्योग, यूआईए के अनिल गोयल, सीआईआई से विकास गर्ग, सिडकुल एसोसिएशन हरिद्वार के हरिंद्र गर्ग आदि थे।
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