काशीपुर। काशीपुर खंड परिसर में राज्य वित्त आयोग व जिला योजना की निधि से निर्मित 26 दुकानों का आवंटन सीडीओ ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। सीडीओ ने बीडीओ को 14 अगस्त तक इन दुकानों पर कब्जा प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही इन दुकानों का पुनर्मूल्यांकन करते हुए आवंटन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति एक माह के भीतर इन दुकानों का नियमानुसार आवंटन करेगी।
जसपुर खुर्द निवासी अजय कुमार ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कहा था कि काशीपुर ब्लॉक परिसर में सरकारी निधि से शॉपिंग कांपलेक्स बनाया गया था। इसमें 17 दुकान बनी दीं। छोटी दुकान के आवंटन के लिए पांच लाख और बड़ी दुकानों के लिए इससे अधिक दर निर्धारित की गई थी लेकिन दुकानों का आवंटन कम दरों पर नियम विरुद्ध कर दिया गया।
याचिका पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की संयुक्त खंडपीठ ने राज्य सरकार से शपथ पत्र प्रस्तुत करने को कहा था। इस पर 15 जुलाई 2019 को काशीपुर के संयुक्त मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई। समिति ने जांच में सभी दुकानों का आवंटन नियम विरुद्ध पाया।
सरकार की ओर से दिए गए हलफनामे में दुकानों के अवैधानिक आवंटन के लिए जिम्मेदार दो अधिकारियों के निलंबन की जानकारी दी गई थी। 9 जुलाई को हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि इन दुकानों के आवंटन को निरस्त करने के लिए सरकार ने अब तक क्या किया।
हाईकोर्ट के रुख को भांपते हुए सीडीओ ने 10 अगस्त को आदेश जारी कर सभी 26 दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया। आदेश में सीडीओ मयूर दीक्षित ने कहा है कि बीडीओ हर सिंह मेहरा 14 अगस्त तक इन दुकानों पर कब्जा प्राप्त कर लें।
इसमें कोताही होने पर बीडीओ व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। सीडीओ ने दुकानों का पुनर्मूल्यांकन कर उनका नियमानुसार आवंटन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है। इस समिति में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक, मुख्य कोषाधिकारी व पीडब्ल्यूडी के ईई को शामिल किया गया है।
यह समिति एक माह में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी करेगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक वर्मा ने बताया कि मंगलवार को उन्हें सीडीओ के आदेश की प्रति उपलब्ध करा दी जाएगी।