काशीपुर में बार भवन के सामने नारेबाजी करते अधिवक्ता।
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काशीपुर। काशीपुर बार भवन के प्रांगढ़ में बनाए गए आठ अधिवक्ताओं के चैंबरों को ध्वस्त कराए जाने से अधिवक्ता भड़क गए। उन्होंने यहां से स्थानांतरित हो चुके संयुक्त मजिस्ट्रेट के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। साथ ही काशीपुर बार एसोसिएशन ने तोड़े गए चैंबरों का शीघ्र ही पुनर्निर्माण न कराए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
परगना मजिस्ट्रेट के न्यायालय परिसर से सटाकर बनाए गए चैंबरों के निर्माण को अवैध बताते हुए 18 जून 2019 को संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना ने आठ अधिवक्ताओं को नोटिस दिए थे। इस नोटिस को लेकर अधिवक्ता दीपांत शर्मा ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट की एकल बैंच के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने इस आधार पर याचिका खारिज कर दी कि यदि यह अतिक्रमण है तो इसे तत्काल ध्वस्त कर दिया जाए। इसके बाद डबल बैंच में याचिका डाली गई।
डबल बैंच ने एकल बैंच का आदेश निरस्त करते हुए काशीपुर बार एसोसिएशन को पक्षकार बनाते हुए पुनर्विचार याचिका प्रस्तुत करने को कहा। बार संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि संयुक्त मजिस्ट्रेट ने इस आदेश की प्रति लेने से इनकार कर दिया और स्थानांतरण आदेश के बावजूद एकतरफा कार्रवाई कर अधिवक्ताओं के चैंबर ध्वस्त करा दिए।
इसके विरोध में अधिवक्ताओं ने मंगलवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। इस मौके पर हुई सभा की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेंद्र तुली ने की। सभा को पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह, आनंद रस्तोगी, गिरजेश खुल्बे, अब्दुल सलीम, सौरभ शर्मा, इकराम हुसैन, सिंधु आकाश, शैलेंद्र मिश्रा, कैलाश सिंह बिष्ट, मोहित काम्बोज, दिवेश कुमार पाल, शुभम, शिवेंद्र, नितिन, दिग्विजय सिंह आदि ने संबोधित किया।
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