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सीबीआई जांच से सौरभ के गायब होने का राज खुलने की उम्मीद

Thu, 13 Aug 2015 12:03 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, काशीपुर।
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 सौरभ घिल्डियाल की गुमशुदगी के दो साल बाद भी हकीकत का पता नहीं चल सका। पुलिस ने उसके माता-पिता के संदेह पर गंभीरता से जांच की होती तो मामला पहले ही खुल गया होता।
 अब सीबीआई टीम उन संदिग्धों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कर रही है। इससे सौरभ के परिजनों को उसकी गुमशुदगी का राज खुलने की उम्मीद बंध गई है।
ग्राम भीमनगर कुंडेश्वरी निवासी सौरभ घिल्डियाल (22) 22 सितंबर 2013 की शाम को बाइक से कहीं गया था। तब से लौट कर नहीं आया। विवेचना अधिकारियों के बदलने के साथ ही उसकी गुमशुदगी का मामला गायब हो गया। पुलिस के रुख से हताश उसके माता-पिता ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई।
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 तब पुलिस ने सीबीआई से संदिग्धों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का अनुरोध किया। सौरभ की माता उषा घिल्डियाल ने कहा कि उनका पुत्र पढ़ाई के साथ ही दोस्तों के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करता था। उसको गायब करने में उसके दोस्तों का ही हाथ है। घटना की समय वह घर से बाइक पर दोस्तों से मिलने गया था।
काफी देर तक नहीं लौटा तो फोन पर वह बोला दस मिनट में आ रहा है। दादी सुमित्रा ने बताया कि पुलिस को सौरभ को गायब करने वालों के नाम सबूतों के साथ बताने पर भी पुलिस ने जांच-पड़ताल के नाम पर खानापूर्ति की। सौरभ के हाथ का एक लिखा एक कागज मिला था, जिसमें उसने एक दोस्त से 78 हजार रुपए लेना लिखा है। यह कागज भी पुलिस को सौंप दिया गया है।
पिता दिनेश घिल्डियाल ने कहा कि तत्कालीन पुलिस अधिकारी की भूमिका भी इसमें संदिग्ध थी। परिजनों ने नम आंखों से कहा कि उनको विश्वास होने लगा है कि उनके पुत्र की हत्या कर दी गयी है, लेकिन हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस पकड़ने के बजाए उनका बचाव कर रही है।
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इधर बताया जाता है कि सीबीआई जिन सात लोगों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कर रही है। उस सूची में तीन लड़कियां, एक महिला, तीन पुरुष शामिल हैं। यह संख्या घट-बढ़ सकती है।

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