विधायक के कार्यालय पर राशन की किटें वितरित होने की अफवाह फैलाकर लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में बसपा से जुड़ी वार्ड नंबर 11 की पार्षद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कटोराताल चौकी पर तैनात एसआई अमित शर्मा ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है कि 17 जुलाई को काफी संख्या में महिलाएं विधायक हरभजन सिंह चीमा के कार्यालय पहुंची। उनके हाथों में वार्ड नंबर 11 की पार्षद मंजू देवी की लिखी गई पर्चियां थी। जिसमें राशन की किट देने की सिफारिश की गई थी।
महिलाओं का कहना था कि पार्षद ने यह कहकर उन्हें राशन लेने के लिए भेजा था कि विधायक हरभजन सिंह चीमा अपने कार्यालय पर राशन की किटें बांट रहे हैं। तहरीर में कहा गया कि इतनी अधिक संख्या में वहां महिलाओं के एकत्र होने से लॉकडाउन का उल्लंघन हुआ है। इधर, पार्षद मंजू का कहना है कि सीएम राहत कोष की बची हुई किटें विधायक चीमा ने 15 और 16 जुलाई को बांटीथीं। 17 जुलाई को उसके आवास पर कॉलोनी की महिलाएं आई।
कहा कि विधायक के कार्यालय ने उन्हें राशन लेने के लिए अपने पार्षद से पर्ची लिखाकर लाने को कहा गया है। इस पर उन्होंने इन महिलाओं की पहचान करते हुए पर्चियां लिख दी। ऐसा ही वार्ड नंबर 10 से भाजपा की पार्षद सूमा देवी ने भी किया। लेकिन राजनैतिक द्वेष में सिर्फ उन्हीं के खिलाफ लॉकडाउन के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया है।
गरीबों की मदद के नाम पर राजनीति कर रहे हैं विधायक चीमा
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की विशेष आमंत्रित सदस्य मुक्ता सिंह ने राशन के लिए गरीबों का उपहास उड़ाने के लिए विधायक को आड़े हाथों लिया है।
कहा कि पहले तो विधायक ने पार्षदों को गुमराह कर लोगों को राशन के लिए उनके कार्यालय भेजने को कहा। लेकिन बाद में महिलाओं की भीड़ देखकर उन्होंने इसे कांग्रेस की साजिश करार दे दिया। मुक्ता ने कहा कि इसे कांग्रेस की साजिश बताने वाले विधायक को यह जानकारी होनी चाहिए कि महिलाओं को राशन के लिए पर्चियां भाजपा की पार्षद ने थमाई थीं।