रुद्रपुर। अंतरराष्ट्रीय कंपनी रिकोप्लास्टिक के एमडी, हेड ऑफ फाइनेंस सहित चार अधिकारियों पर पुलिस ने अदालत के आदेश पर केस दर्ज किया है। कंपनी के पूर्व अधिकारी ने आरोपियों पर धोखाधड़ी कर उनका वेतन हड़पने का आरोप लगाया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दिए प्रार्थनापत्र में किच्छा रोड स्थित आशियाना होम्स कालोनी निवासी हेमंत प्रकाश ने कहा कि खुशप्रीत कौर अरोरा (सीए) निवासी ए 7, हरिमाटी अपार्टमेंट, ग्रीन पार्क होटल के सामने, सर्कुलर रोड, रांची (झारखंड), पूजा सिंह निवासी 303, सिटी सेंटर, आम्रपाली अंडरब्रिज के पास, रैया रोड, राजकोट, गुजरात, सचिन त्रिवेदी और जोसफ निवासी आईआईटी कानपुर कॉलेज के पास, कलनपुर, कानपुर ने धोखाधड़ी कर उनका वेतन हड़प लिया।
कहा कि खुशप्रीत कौर अरोरा रिकोप्लास्टिक लिमिटेड कंपनी की हेड ऑफ फाइनेंस है और युवाओं को अच्छे वेतन का झांसा देकर नाइजीरिया भेजती है। पूजा सिंह युवाओं को अच्छी नौकरी का झांसा देकर सीए खुशप्रीत कौर अरोरा से इंटरव्यू करवाती है। पूजा ने सीए खुशप्रीत कौर अरोरा से व्हाट्सएप पर इंटरव्यू कराया था।
खुशप्रीत ने रिकोप्लास्टिक लिमिटेड के प्लांट मेनेजर सचिन त्रिवेदी से भी उनकी व्हाट्सएप से ऑडियो और वीडियो कॉल पर इंटरव्यू करवाया था। उनको ईमेल पर ऑफर लैटर दिया था।
खुशप्रीत ने लागोस नाइजीरिया का एयर टिकट भी उनको भेजा था। इसके बाद वीजा बनवाने के लिए 18 अगस्त को लागोस, नाइजीरिया बुलाया था। 19 अगस्त को उन्होंने रिकोप्लास्टिक कंपनी में फाइनेंस कंट्रोलर के पद पर ज्वाइन किया था और प्रबंधन को कंपनी की खराब वित्तीय स्थिति के बारे में डिटेल रिपोर्ट बनाकर दी थी।
19 अगस्त से 30 अक्तूबर तक उन्होंने कंपनी में काम किया। 29 अक्तूबर को कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर जोसफ ने सीए खुशप्रीत कौर अरोरा के कहने पर उनको नौकरी से टर्मिनेट कर दिया था जिसमें कंपनी की खराब वित्तीय स्थिति का हवाला दिया गया। उनके वेतन की रकम 10,800 यूएस डालर को उनके खाते में ट्रांसफर करने का आश्वासन दिया था।
31 अक्तूबर को उनको लागोस से दिल्ली प्लेन से भेज दिया था। कुछ समय बाद खुशप्रीत ने उनका वेतन देने से इंकार कर दिया। कहा कि खुशप्रीत कौर अरोरा ने अपने साथी सचिन त्रिवेदी और जोसफ के साथ मिलकर प्रार्थी की मेहनत की कमाई हड़प ली थी। उन्होंने कोतवाली, एसएसपी और डीजीपी को लिखित शिकायत की थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।