रुद्रपुर। ढाई महीने पहले एक लाजिस्टिक कंपनी के सुपरवाइजर की मौत के मामले में अदालत के आदेश पर कंपनी के कर्मचारियों पर केस दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में वार्ड नंबर 39 आवास विकास निवासी रनवीर यादव ने कहा था कि उनका भाई राकेश यादव मैसर्स वरना लॉजिस्टिक, तुलसी द्वार किच्छा रोड लालपुर में सुपरवाइजर था। 15 फरवरी को उसका भाई राकेश यादव ड्यूटी पर गया था। 16 फरवरी की शाम उनको कंपनी ने राकेश के घायल होने और जिला अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली थी। वे अस्पताल पहुंचे तो भाई बेहोश था और उसके सिर पर गहरी चोट लगी थी।
भाई की स्थिति खराब होने के चलते उन्होंने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। 22 फरवरी को इलाज के दौरान उनके भाई की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम में भाई के सिर में काफी गहरी चोट, सिर की हड्डी टूटी होने एवं सिर में खून जमा होना दर्शाया गया था। कहना है कि भाई के साथ कंपनी में ड्यूटी के दौरान साजिशन मारपीट की गई है और उसे चोटें पहुंचाई गई हैं। कहा कि कंपनी में सीसीटीवी लगे हैं और यह घटनाक्रम कैमरों में कैद हुआ था। संदेह जताया कि कंपनी ने साक्ष्य को प्रभावित करने का पूरा प्रयास किया होगा। कंपनी के सीसीटीवी एवं अन्य उपकरणों को जब्त कराया जाना भी न्यायोचित है। कहा कि एक मार्च को थाने में तहरीर दी गई लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। तीन मार्च को एसएसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अदालत ने पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए।