रोडवेज डिपो के एजीएम और चालक के बीच हाथापाई का मामला तूल पकड़ रहा है। चालक पर निलंबन की एकतरफा कार्रवाई के विरोध में विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने एकजुट होकर डिपो में बस संचालन ठप कर प्रदर्शन किया। उन्होंने एआरएम का निलंबन और तबादला होने तक संचालन ठप रखने की घोषणा की।
संचालन ठप होने से जहां यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ी, वहीं निगम मुख्यालय तक मामले पहुंचने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आरएम ने कर्मचारी नेताओं से कई दौर की वार्ता कर मामला सुलझाने की कोशिश की, मगर कोई हल नहीं निकला।
कर्मचारियों के कड़े रुख से बृहस्पतिवार को बसों का संचालन होने पर संशय बना हुआ है।
बुधवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन, कर्मचारी संयुक्त परिषद, इंप्लाइज यूनियन के संयुक्त आह्वान पर डिपो के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर संचालन ठप रखा और कार्यशाला गेट पर प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों के आंदोलन की वजह से डिपो की 42 में से एक भी बस रवाना नहीं हो सकी। इससे हरिद्वार, देहरादून, टनकपुर, रुद्रपुर, लखनऊ, चंडीगढ़, मेरठ, दिल्ली, हल्द्वानी की सेवा ठप रही। कर्मचरियों ने निलंबित चालक रिजवान की बहाली और तबादला निरस्त करने की मांग की है। निगम के आरएम खुशीराम ने डिपो पहुंचकर हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता की, लेकिन उन्हें मनाने में कामयाब नहीं हो सके। प्रदर्शन करने वालों में सतपाल सिंह, मो. यामीन, पंकज भटनागर, सुरेंद्र कांबोज, राकेश कटियार, शशि चौहान, रिजवान अहमद आदि थे।
एआरएम ने पुलिस से मांगी सुरक्षा
आरएम महेंद्र कुमार ने कुछ कर्मचारियों से जान के खतरे का अंदेशा जताया है। उन्होंने कोतवाली में दी तहरीर में कहा है कि बीते 10 दिसंबर को चालक रिजवान अहमद ने उनके साथ मारपीट की थी, इसकी तहरीर थाने में दी थी। रिजवान ने कुछ कर्मचारियों के साथ कार्यशाला का गेट बंद कर दिया है। ड्यूटी जाने वाले कर्मचारियों को डराकर भगा दिया है। इसके चलते निगम के किसी भी वाहन का संचालन नहीं हो सका। उन्होंने आशंका जताई है कि रिजवान और उसके सहयोगी कभी भी जानलेवा हमला कर सकते हैं। लिहाजा उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने डीएम, एसडीएम और एएसपी को भी तहरीर की प्रति भेजी है।
निगम को लगी साढ़े छह लाख की चपत
एजीएम महेंद्र कुमार ने बताया कि रोजाना डिपो से 42 बसों का संचालन होता है। प्रतिदिन बसों के संचालन से करीब साढ़े छह लाख रुपए की आय होती है। संचालन ठप होने से साढ़े छह लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। वहीं डिपो के समय संचालन कक्ष में तैनात कर्मचारी रामप्रसाद यादव ने बताया कि कोई भी कर्मचारी ड्यूटी स्लिप लेने नहीं आया।