रुद्रपुर शहर को जाम से निजात दिलाने और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया बस टर्मिनल अभी कागजों और विवादों में ही उलझा हुआ है।
रुद्रपुर शहर को जाम से निजात दिलाने और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया बस टर्मिनल अभी कागजों और विवादों में ही उलझा हुआ है। टर्मिनल का मुख्य गेट के पास से अतिक्रमण नहीं हट पाने के कारण निर्माण कार्य लटक गया है और यात्रियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रशाशन ने अतिक्रमण हटाने के लिए कुछ दिन पहले नोटिस जारी किए। लेकिन नोटिस जारी होते ही स्थानीय विधायक और मेयर अतिक्रमणकारियों के साथ खड़े हो गए। जनप्रतिनिधियों के समर्थन के बाद अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और वह जगह खाली करने को तैयार नहीं हैं। परिणाम यह है कि बस टर्मिनल का मुख्य प्रवेश द्वार ही बाधित है। बसें अंदर-बाहर नहीं आ-जा पा रही हैं। मौजूदा अस्थायी बस स्टैंड पर भीषण भीड़, जाम और धूल के कारण यात्रियों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। बारिश में कीचड़ और गर्मी में धूप से यात्री बेहाल हैं।