चोरों ने ताले तोड़कर एक मंदिर की मूर्तियों से जेवर चुरा लिए। चोर चढ़ावे में आए हजारों रुपये के सामान और दानपात्र तोड़कर लगभग 50-60 हजार की नगदी ले गए। इस घटना से श्रद्धालुओं में भारी रोष है। विरोध में लोगों ने थाने का घेराव किया और पुलिस से चोरों को पकड़ने की मांग की।
मंगलवार की रात चोरों ने काजीबाग मोहल्ला स्थित राधाकृष्ण मंदिर के मुख्य गेट और मंदिर के दरवाजे का ताला तोड़कर मंदिर में घुसे। दानपात्र का ताला तोड़ा, आलमारी के अंदर लाकर का ताला तोड़कर उसमें रखे राधा का सोने का लॉकेट व हार और चांदी का एक हार, चांदी का खिलौना ले गए। चोरों ने सभी छोटी मूर्तियों को उनके स्थान से उखाड़ कर उलट पुलट दिया। चोरों ने शिव मंदिर में स्थापित धातु की मूर्तियां उखाड़कर दूसरे स्थान पर रख दीं। मुख्य मंदिर में स्थापित राधाकृष्ण की मूर्तियों में से श्रीकृष्ण के हाथ में लगभग डेढ़-दो फिट लंबी चांदी की बांसुरी थी। चोरों ने बांसुरी हाथ से निकाली और वहीं फेंक गए। मंदिर के पुजारी पंडित महेशानंद शास्त्री ने बताया कि उन्होंने मंदिर को रात नौ बजे बंद किया था। बुधवार की सुबह पांच बजे खोला। मंदिर के सभी ताले टूटे हुए थे। मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु मुकेश शर्मा की सूचना पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल के नेतृत्व में कई लोगों ने थाने का घेराव किया और बढ़ रही चोरियों पर अंकुश लगाने की मांग की। वहां पर पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल, गुरविंदर सिंह चंडोक, आशीष गुप्ता, राजू सेठी, राजीव सेतिया, रवि पाल, पुष्कर बिष्ट आदि थे।