सिडकुल की फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीला पानी नदी, नहर और नालों में प्रवाहित होने के विरोध में ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। जिसमें ग्रामीणों ने नहर में जहरीले पानी को रोकने के लिए प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
बुधवार को नकुलिया, सिसौना, बरुआबाग आदि गांवों के लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने सिंचाई माइनर (अपर बैगुल नहर) में सिडकुल की फैक्ट्रियों से आ रहे जहरीले पानी को रोकने की मांग को लेकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि सिंचाई नहर में सिडकुल की फैक्ट्रियों से आ रहे जहरीले पानी से मवेशी मर रहे हैं। धान व गन्ने की फसल खराब हो रही है। कई ग्रामीण भी बीमार हो गए हैं।
चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे के भीतर सिडकुल की फैक्ट्रियों द्वारा केमिकल युक्त पानी को नहर में डालना बंद नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में राज्य महिला आयोग की सदस्य जया जोशी, वरिष्ठ कांग्रेसी उदय सिंह राणा, ग्राम प्रधान पार्वती देवी, पूर्व छात्र नेता मुकेश सनवाल, पूर्व प्रधान कृष्ण चंद कंबोज, राजू जायसवाल आदि थे।