खटीमा। नगर, ग्रामीण क्षेत्र में भूमिगत पेयजल पाइपलाइनों की लीकेज बंद नहीं हो सकी है। इससे उपभोक्ताओं को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर से लगे मेलाघाट रोड पर पिछले एक माह से मामूली लीकेज से सड़क टूट रही है। पिछले चार दिनों से मार्ग पर भरकर तालाब की स्थिति बन गई है।
नगरा तराई के नहर पुल पर हुई लीकेज बंद नहीं हो सकी है। पीलीभीत, टनकपुर, सितारगंज मार्गों पर कई स्थानों पर पाइप लाइन की लीकेज देखी जा सकती है। पानी की लीकेज से उपभोक्ताओं में भारी रोष है लेकिन आचार संहिता लागू होने के कारण वह धरना, प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह कई बार अधिकारियों को परेशानी बता चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
जल संस्थान के जेई एलएस बिष्ट ने लीकेज के लिए ऊर्जा निगम को जिम्मेदार बताया। कहा कि निगम की निर्माण इकाई ने पाइप लाइन तोड़ी है। ऊर्जा निगम के अधिकारी पहले ही बता चुके हैं कि उन्होंने नुकसान का मुआवजा पहले ही जल संस्थान को दिया जा चुका है। उत्तराखंड जल संस्थान के जीएम हेमंत कुमार पांडे ने नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में चल रही लीकेज के समाधान पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने इस मामले में उच्च स्तर पर कार्रवाई करने को कहा।