रामलीला मैदान में फोरलेन के शिलान्यास कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के खिलाफ पार्टी के सेकेंड लीड नेताओं ने जमकर गुबार निकाला। इसे सभास्थल में मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति कहें या खास रणनीति मगर बीजेपी के बड़े नेता प्रदेश सरकार के खिलाफ बोलने से बचते रहे। सभी नेताओं ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करने के बजाए केंद्र सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। हालांकि सांसद कोश्यारी ने जहां सीएम पर कटाक्ष किया, वहीं प्रदेशाध्यक्ष अजय भट्ट ने प्रदेश सरकार पर केंद्रीय योजनाओं पर रोड़े अटकाने का आरोप भी मढ़ा।
मंगलवार सुबह सभास्थल कार्यकर्ताओं से पटने लगा तो एक-एक कर सेंकेड लीड के नेताओं को बोलने के लिए बुलाया गया। नेताओं ने बखूबी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए प्रदेश सरकार पर खूब हमले किए। जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमारी गिरी, पूर्व जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष काशीपुर राम मेहरोत्रा, जगतार सिंह बाजवा, राजेश कुमार, रामकुमार गुप्ता सहित कई नेताओं ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार, अवैध खनन, चहेतों को लूट की खुली छूट, पैसों से नियुक्तियां कराने सहित कई आरोप मढ़ते हुए आगामी चुनाव में उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
लेकिन केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, सांसद भगत सिंह कोश्यारी, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, सांसद तरुण विजय, सांसद रामपुर नेपाल सिंह का पूरा संबोधन केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर ही फोकस रहा। हालांकि सांसद कोश्यारी ने मुख्यमंत्री के सभास्थल में मौजूद नहीं रहने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि रावत जी जनता के सामने आना पसंद नहीं करते हैं।
वहीं अजय भट्ट ने प्रदेश सरकार पर केंद्रीय योजनाओं को रोकने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर पैसा नहीं देने का लांछन लगाया जाता है। लेकिन खास तरह की रणनीति के तौर पर बड़े नेता प्रदेश सरकार पर बरसने से बचते रहे। माना जा रहा है कि एक खास रणनीति के तहत राज्य सरकार पर बड़े नेताओं ने हमला नहीं बोला। वे सभास्थल में मौजूद कार्यकर्ताओं और लोगों के समक्ष केंद्र सरकार के कार्यों की वाहवाही करते रहे।