रुद्रपुर। गदरपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास का बुनियादी ढांचा बनकर तैयार हो गया है। इसमें दूरदराज के क्षेत्रों के रहने वाले अनुसूचित जाति, थारू व अन्य जनजातीय के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवासीय सुविधाएं मिलेंगी जिससे कि स्कूल छोड़ने की संख्य कम हो सके।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत गदरपुर क्षेत्र में यह हॉस्टल करीब 2.75 करोड़ की लागत से बना गया है लेकिन आवासीय परिसर का शेष कार्य अंतिम चरण में है और इसके जुलाई माह से शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। एनसीबी राजकीय हाईस्कूल, कोल्हा (गदरपुर) परिसर में बने इस हॉस्टल में कक्षा छह से दस तक के छात्र रह सकेंगे।
विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं जनजातीय समुदाय के ऐसे बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी जो दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं और आर्थिक कारणों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस हॉस्टल के शुरू होने के बाद जिले में बालक छात्रावासों की संख्या बढ़ जाएगी और अधिक विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी।
छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को निशुल्क आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उन्हें पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण, अनुशासित दिनचर्या और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य दूरवर्ती गांवों के मेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
जिले में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत छह हॉस्टल संचालित हो रहे हैं जिनमें चार छात्राओं और दो छात्रों के लिए हैं। यह हॉस्टल काशीपुर, प्रतापपुर, गदरपुर, सितारगंज, बाजपुर और चकरपुर में संचालित हैं। इस सुविधा से ऐसे परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना चाहते हैं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण उन्हें उचित अवसर नहीं मिल पाते।
कोट-
हॉस्टल का एक महीने का काम रह गया है। जुलाई तक हॉस्टल को शुरू करने की कोशिश है। इसमें आने के लिए ज्यादा से ज्यादा अनुसूचित और जनजाति के बच्चों को लाने की कोशिश है। - हरेंद्र कुमार मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी